बारादरी इलाके में लंबे समय से सक्रिय एक संगठित गोवध गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना वसीम अहमद है, जो अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर गौकशी और अवैध हथियारों से लैस होकर इलाके में दहशत भी फैलाता था। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत वसीम सहित आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है।
बरेली। बारादरी इलाके में लंबे समय से सक्रिय एक संगठित गोवध गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना वसीम अहमद है, जो अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर गौकशी और अवैध हथियारों से लैस होकर इलाके में दहशत भी फैलाता था। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत वसीम सहित आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है। गिरोह के कई सदस्य महिलाएं भी हैं, जो गोवध और मारपीट जैसे मामलों में पहले से वांछित चल रही थीं।
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि गैंग लीडर बारादरी के सेमलखेड़ा निवासी वसीम अहमद पुत्र कफील अहमद ने एक संगठित गिरोह बना रखा था। इस गैंग में उसका भाई, पत्नी, मां, बहन, बहनोई और रिश्तेदार शामिल हैं। सभी मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में गौवध जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देते थे।
बारादरी पुलिस ने गैंग लीडर वसीम अहमद उसकी पत्नी हमा समीर कुरैशी, बहन सना, मां फूलबानो और भाई फईम अहमद समेत काजी टोला निवासी फय्याज रहमान पुत्र अताउर रहमान, सूफी टोला निवासी रिजवान उर्फ पिन्ना पुत्र इस्माईल, कसाई टोला निवासी कासिम उर्फ शानू पुत्र नाजिम कुरैशी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इन सभी पर पहले से ही गौवध, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, जानलेवा हमला, पाक्सो एक्ट सहित दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि वसीम पर अकेले 12 से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी, अवैध असलहा, गौवध और गिरोहबंदी जैसे मामले शामिल हैं।
गिरोह की करतूत का खुलासा तब हुआ जब 11 अप्रैल को कटरा चाँद खां इलाके में वसीम के घर गौकशी की सूचना पर छापा मारा गया। मौके से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं और थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज किया गया। अब इस पूरे गैंग के खिलाफ गैंगचार्ट बनाकर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है। डीएम अविनाश सिंह और एसपी क्राइम मनीष सोनकर से अनुमति मिलने के बाद गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडे का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इलाके में दहशत फैलाने के साथ-साथ धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले अपराधों में लिप्त था। पूरे गिरोह की गतिविधियां अब पुलिस की रडार पर हैं और आगे चलकर इनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।