महेशपुरा क्रासिंग के पास शनिवार को रिश्तों के टूटते धागे ने एक जिंदगी निगल ली। पत्नी के साथ चलने से इनकार ने 30 वर्षीय रामविलास को ऐसा तोड़ा कि उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
बरेली। महेशपुरा क्रासिंग के पास शनिवार को रिश्तों के टूटते धागे ने एक जिंदगी निगल ली। पत्नी के साथ चलने से इनकार ने 30 वर्षीय रामविलास को ऐसा तोड़ा कि उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिवार में चीख-पुकार गूंज उठी।
रामविलास, सिरौली क्षेत्र के खुर्द नवाबपुरा गांव निवासी धनीराम का बेटा था। सात साल पहले उसकी शादी महेशपुरा की प्रियंका से हुई थी। दो बेटियों के पिता रामविलास का घर धीरे-धीरे विवादों की आग में झुलसता चला गया। छोटी-छोटी बातों ने बड़ा रूप ले लिया और परिवार बिखरने की कगार पर पहुंच गया।
कुछ समय पहले पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ा कि प्रियंका मायके आ गई। मामला कई बार पुलिस तक पहुंचा। रिश्तेदारों ने भी बीच-बचाव किया, पंचायतें बैठीं, समझाने की कोशिश हुई… लेकिन हर कोशिश नाकाम रही। रिश्तों की गांठ और उलझती चली गई। गुरुवार को रामविलास एक उम्मीद लेकर ससुराल पहुंचा था। वह पत्नी को मनाकर घर ले जाना चाहता था, लेकिन वहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। दोनों के बीच कहासुनी हुई और प्रियंका ने साफ शब्दों में साथ जाने से इनकार कर दिया। यही पल उसके लिए आखिरी साबित हुआ।
पत्नी के इंकार से आहत रामविलास सीधे रेलवे ट्रैक की ओर चला गया। महेशपुरा क्रासिंग के पास उसने बिना कुछ सोचे-समझे ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। तेज रफ्तार ट्रेन के सामने आते ही उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग सहम गए। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप बदहवास हो गए, जबकि दो मासूम बेटियां अब हमेशा के लिए पिता के साए से महरूम हो गईं। जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।