महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर बरेली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आई। मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत खाकी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों ने जब सड़कों पर कदम बढ़ाए तो पूरा शहर ‘नारी सुरक्षा’ के संदेश से गूंज उठा। यह रैली सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए साफ चेतावनी बनकर सामने आई।
बरेली। महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर बरेली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आई। मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत खाकी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों ने जब सड़कों पर कदम बढ़ाए तो पूरा शहर ‘नारी सुरक्षा’ के संदेश से गूंज उठा। यह रैली सिर्फ जागरूकता नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए साफ चेतावनी बनकर सामने आई।
पुलिस लाइन से एडीजी, डीआईजी और एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां हर चौराहे पर लोगों ने महिला पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाया और सुरक्षा संदेश को गंभीरता से सुना।
रैली में महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पूरी ऊर्जा के साथ शामिल हुए। उनके साथ समाजसेवी और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में जुड़े। खाकी में महिला शक्ति को आगे देखकर हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचा कि अब महिलाएं सिर्फ सुरक्षित ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।
बड़े अफसरों की मौजूदगी, अभियान को मिला दमअपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रमित शर्मा, डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसएसपी अनुराग आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने अभियान को और मजबूती दी। इसके साथ ही एसपी सिटी मानुष पारीक, एएसपी मुकेश मिश्र, एएसपी ट्रैफिक अकमल खान, एएसपी अंजना दहिया समेत अन्य अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
एडीजी रमित शर्मा ने साफ कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला बड़ा आंदोलन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
रैली के दौरान महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस ने अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में 1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (इमरजेंसी), 1076 (सीएम हेल्पलाइन), 1930 (साइबर), 181 (महिला हेल्पलाइन), 102/108 (एंबुलेंस) और 101 (फायर) का तुरंत उपयोग करें।