बरेली

महिला आयोग की सदस्य पर रिश्वत मांगने, अभद्रता के आरोप, होटल एसोसिएशन ने एसपी और सिटी मजिस्ट्रेट से की शिकायत

चौपला स्थित होटल प्लाजा में जांच के दौरान उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय पर होटल स्टाफ से दुर्व्यवहार करने और ₹50,000 की रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। होटल मालिक जितेंद्र भल्ला ने मामले को लेकर एसएसपी को तहरीर दी है,

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Aug 03, 2025

बरेली। चौपला स्थित होटल प्लाजा में जांच के दौरान उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय पर होटल स्टाफ से दुर्व्यवहार करने और ₹50,000 की रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। होटल मालिक जितेंद्र भल्ला ने मामले को लेकर एसएसपी को तहरीर दी है, वहीं होटल एसोसिएशन ने भी सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

होटल सील न करने के एवज में मांगे 50 हजार रुपये
होटल मालिक का आरोप

होटल संचालक जितेंद्र भल्ला का आरोप है कि 1 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय उनके होटल में निरीक्षण के लिए पहुंचीं। उन्होंने पंजीकरण, जीएसटी नंबर, अग्निशमन एनओसी और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दस्तावेज मांगे। जब होटल प्रबंधन ने तत्काल जानकारी देने में असमर्थता जताई, तो पुष्पा पांडेय ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। भल्ला के मुताबिक, पांडेय के साथ मौजूद उनके ड्राइवर ने धमकाते हुए कहा कि यदि होटल को सील होने से बचाना है तो ₹50,000 देने होंगे। इस पर पुष्पा पांडेय ने भी कथित तौर पर सहमति जताई और कहा कि "परेशान मत हो, रुपये दे दो, होटल सील नहीं होगा।"

धमकी और गालीगलौज के भी आरोप, वीडियो सौंपी गई
घटना के तुरंत बाद होटल मालिक ने होटल एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना को सूचना दी। इसके बाद सतवना सिंह चड्ढा, श्वेतांक अस्थाना समेत कई व्यापारी मौके पर पहुंचे। भल्ला का आरोप है कि इसी दौरान पांडेय और उनके साथ मौजूद लोगों ने जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए। उन्होंने पूरी घटना की वीडियो फुटेज भी पुलिस को सौंपी है।

महिला आयोग सदस्य का पक्ष: शिकायत की जांच करने गई थी, आरोप निराधार

इस पूरे प्रकरण पर महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें होटल प्लाजा के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर वह निरीक्षण के लिए गई थीं। जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं, यहां तक कि रुकने वाले मेहमानों का विवरण भी रजिस्टर पर ठीक से दर्ज नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल नियमानुसार रिकॉर्ड में सुधार करने की बात कही और किसी भी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की। पांडेय ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।”

जांच अधिकारी नियुक्त, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को सौंपी गई है। तहरीर और वीडियो फुटेज की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है।

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