रेगिस्तान में पशु इतने प्रदेश में कहीं नहीं जितने

प्रदेश में सबसे अधिक पशुधन बाड़मेर में : 53 लाख पशुधन, 28 लाख बकरियां, 14 लाख भेड़, बकरी पालन प्रमुख व्यवसाय
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Updated: 20 Jul 2017, 1:24 PM IST
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राजस्थान में बढ़ती जनसंख्या के बीच एक जिला एेसा भी है जहां पर जनसंख्या से ज्यादा निरंतर पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जी हां, बाड़मेर जिला एक एेसा ही उदाहरण है जहां पर जनसंख्या से अधिक पशुधन है।

आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो जिले की कुल जनसंख्या जहां 26 लाख 3 हजार 751 है, वही पशुधन 53 लाख है यानि जनसंख्या से दोगुना।

जानकार बताते हैं कि पूरे राजस्थान में सबसे अधिक पशु बाड़मेर में है। इसमें सबसे ज्यादा अब भी बकरी पालन होता है। बाड़मेर में शुरू से ही भेड़ और बकरी पालन होता रहा है। बकरी पालन किसानों के साथ ही यहां के लोगों का प्रमुख व्यवसाय भी है।

जिले में सबसे ज्यादा बकरियां

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से जिले की जनसंख्या (26 लाख 3 हजार 751) से अधिक बकरियों की संख्या है।

आंकड़ों के अनुसार 28 लाख 96 हजार 620 जिले में बकरियों की संख्या है। जबकि 7 लाख 88 हजार 366 यहां गायें हैं।

पूरे साल में 8-10 करोड़ का कारोबार

अकेले बाड़मेर में बकरा व्यवसाय भी यहां का प्रमुख कारोबार माना जा रहा है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे साल में करीब 8-10 करोड़ का कारोबार बकरा बेचने का है। बाड़मेर से बकरे महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश भेजे जाते हैं। इसके अलावा बाड़मेर में बकरा मंडी भी लंबे समय से प्रस्तावित है

पशुपालन विभाग का कार्य बढ़ा

जिले में पशुधन बढऩे के साथ ही पशुपालन विभाग का कार्य भी काफी तेजी बढ़ रहा है। इसके चलते राज्य सरकार ने बजट घोषणा में भी अकेले बाड़मेर जिले में 31 नवीन पशु चिकित्सालय की घोषणा की थी। घोषणा के तहत 31 नए पशु चिकित्सालय खोलने के लिए भी हरी झंडी दे दी है।

जिले में पशुधन

बकरी - 28,96620

घोड़े - 2591

ऊंट - 43,172

गाय - 7,88366

गधे - 17,495

भेड़ - 14,04031

बैल - 2,14168

श्वान - 32,208

सुअर - 261

खरगोश - 193

(स्रोत: पशुपालन विभाग)

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