
हूती विद्रोहियों ने दागी मिसाइल (Photo - ANI)
यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) की देश की सरकारी सेना के साथ ही सऊदी अरब (Saudi Arabia) से भी जंग चल रही है। हूती विद्रोही और सऊदी अरब पिछले करीब ढाई महीने में एक-दूसरे पर कई हमले कर चुके हैं और अभी भी हमलों का सिलसिला थमा नहीं है। आज एक बार फिर हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले किए हैं। हूती विद्रोहियों ने दो जगहों को निशाना बनाया।
हूतियों ने जानकारी दी कि आज उन्होंने सऊदी अरब पर दो हमले किए हैं। एक हमला ड्रोन से आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया गया और एक हमला बैलिस्टिक मिसाइल से खमीस मुशैत एयरबेस पर किया गया।
हूतियों ने दावा किया कि ड्रोन हमले की वजह से आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन बाधित हुआ। वहीँ बैलिस्टिक मिसाइल सीधे खमीस मुशैत एयरबेस पर जाकर लगी। बताया जा रहा है कि इस वजह से एयरबेस को नुकसान पहुंचा है।
सऊदी अरब पर पिछले कुछ महीनों में हूतियों ने कई हमले किए हैं। इन हमलों में ज़्यादातर सैन्य ठिकानों, एयरपोर्ट्स और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया है। सैन्य ठिकानों पर हमलों के ज़रिए हूती सऊदी अरब की सैन्य क्षमता को कमजोर करना चाहते हैं। एयरपोर्ट्स पर हमलों के ज़रिए हूती सऊदी अरब पर दबाव बनाने, हवाई यात्रा बाधित करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। तेल रिफाइनरियों पर हमले के ज़रिए भी हूती सऊदी अरब को आर्थिक झटका देने का काम करते हैं क्योंकि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में तेल की अहम भूमिका है।
यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हैं। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन प्राप्त है।
Updated on:
3 Nov 2026, 9:07 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 8:58 PM IST
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