
स्वीडिश संसद ने एलिजाबेथ थांड रिंगक्विस्ट की दावेदारी ठुकराई, Photo- IANS
Sweden Political Crisis: स्वीडिश संसद ने मंगलवार को सेंटर पार्टी की नेता एलिजाबेथ थांड रिंगक्विस्ट को देश का नया प्रधानमंत्री बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। आम चुनाव के लगभग दो महीने बाद भी देश में राजनीतिक गतिरोध खत्म नहीं हो सका है।
संसदीय नतीजों के अनुसार, उनके नामांकन के खिलाफ 324 सांसदों ने वोट दिया, जबकि समर्थन में केवल 25 वोट पड़े। उन्हें समर्थन देने वाले सभी सांसद उनकी अपनी सेंटर पार्टी से थे। 19 अक्टूबर को, संसद के स्पीकर एंड्रियास नॉर्लेन ने थांड रिंगक्विस्ट को एक ऐसी सरकार बनाने की संभावना तलाशने का काम सौंपा, जिसे संसद में पर्याप्त समर्थन मिल सके।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ बातचीत के बाद, उन्होंने 26 अक्टूबर को स्पीकर को बताया कि एक मध्यमार्गी (सेंट्रिस्ट) सरकार बनाने के लिए जरूरी राजनीतिक हालात मौजूद नहीं हैं।
हालांकि थांड रिंगक्विस्ट ने शुरुआत में प्रधानमंत्री पद की मांग नहीं की थी, लेकिन पिछले गुरुवार को नॉर्लेन ने घोषणा की कि वह उन्हें इस पद के लिए नामांकित करेंगे, ताकि सरकार बनाने की उनकी कोशिशों को संसद में वोटिंग के जरिए पूरा किया जा सके। वह उम्मीदवार बनने के लिए सहमत हो गईं।
मंगलवार को हुई वोटिंग के बाद, थांड रिंगक्विस्ट ने फिर दोहराया कि उनकी पार्टी न तो 'स्वीडन डेमोक्रेट्स' के साथ सरकार में शामिल होगी और न ही ऐसी किसी सरकार का समर्थन करेगी जो इस दक्षिणपंथी पार्टी के सहारे टिकी हो।
स्वीडन के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सेंटर पार्टी का 'लेफ्ट पार्टी' और 'स्वीडन डेमोक्रेट्स' दोनों के साथ सहयोग करने से इनकार करना, एक मजबूत सरकार बनाने की कोशिशों को और जटिल बना रहा है। इस बीच, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता मैग्डेलेना एंडरसन ने मंगलवार को कहा कि वह सरकार बनाने की अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। मंगलवार की वोटिंग, 13 सितंबर को हुए आम चुनाव के बाद नया प्रधानमंत्री चुनने की दूसरी असफल कोशिश थी। इससे पहले 15 अक्टूबर को संसद ने एंडरसन के नामांकन को खारिज कर दिया था।
नॉर्लेन ने पिछले गुरुवार को कहा था कि अगर थांड रिंगक्विस्ट का नामांकन खारिज हो जाता है, तो 'मॉडरेट पार्टी' के नेता और निवर्तमान प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन को नई सरकार बनाने की संभावना तलाशने का काम सौंपा जाएगा। उन्हें बातचीत पूरी करने के लिए 3 नवंबर से 10 नवंबर तक, यानी एक हफ्ते का समय मिलेगा।
Updated on:
3 Nov 2026, 9:28 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 9:14 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.