महिला पुलिस थाना : गिरफ्तार आरोपितों को रखना पड़ता है कोतवाली थाने में
हवालात का नाम सुनते ही जहन में एक डरावनी तस्वीर उभरती है। अक्सर पुलिस हवालात के नाम से अपराधियों में भय बनाती है। हवालात के बिना थाने की कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित महिला थाना ही एक मात्र ऐसा थाना है जिसमे हवालात तक नहीं है। ऐसे में पुलिस चाहकर भी किसी आरोपित को हवालात में नहीं रख पा रही है।
यहां तक कि महिला थाने में दर्ज विभिन्न मामलों में गिरफ्तार आरोपितों को रखने के लिए कोतवाली थाने की शरण लेनी पड़ रही है। ऐसे में आरोपितों को लाने ले-जाने में ही महिला थाने के कार्मिकों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। आलम यह है कि आरोपितों को पुलिसकर्मी अपने ही कमरे में बिठाकर उनसे पूछताछ करते हैं। ऐसे में हर वक्त आरोपितों के फरार होने की आशंका बनी रहती है।
साढ़े चार साल बाद भी नहीं मिला खुद का भवन
इस थाने की स्थापना 15 अगस्त 2012 को सर्किट हाउस से आगे स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय के भवन में अस्थाई तौर पर गई थी, लेकिन स्थापना के साढ़े चार साल बाद भी महिला थाना उसी भवन में चल रहा है। महिला थाने के भवन के लिए सरकार ने अभी तक कोई जमीन आवंटित नहीं की है। हालात यह है कि किराए के भवन में संचालित इस थाने में महज 4 कमरे बने हुए हैं। जिसमें एक में थानाधिकारी तो दूसरे में जांच अधिकारी और तीसरे में हेडकांस्टेबल बैठते हैं। चौथे कमरे को कंप्यूटर कक्ष बना रखा है।
थाने में पर्याप्त है स्टाफ
जिले में महिलाओं से संबंधित बढ़ते अपराध को देखते हुए जिला मुख्यालय पर इस महिला थाने की स्थापना की गई थी। इस थाने में कुल 26 पद स्वीकृत हैं जिसमे से एक थानाधिकारी, दो एएसआई, एक हेडकांस्टेबल व 22 महिला-पुरुष कांस्टेबल शामिल हैं। वर्तमान में पूरा स्टाफ तैनात है।
हर साल दर्ज होते हैं 200-250 मामले
महिला थाने में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार से संबंधित हर साल 200-250 मामले दर्ज हो रहे हैं। वर्ष 2014 में 245 और वर्ष 2015 में 243 मामले दर्ज हुए जबकि इस वर्ष अक्टूबर तक करीब 200 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
किराए के भवन में थाना
महिला थाने को अभी तक खुद का भवन नसीब नहीं हुआ है। जिसके चलते किराए के भवन में महिला थाना कई सालों से संचालित हो रहा है। यही कारण है कि थाने में अभी तक कैदी बैरक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कैदी बैरक के अभाव में गिरफ्तार आरोपितों को रखने के लिए कोतवाली पुलिस थाने का सहयोग ले रहे हैं।
-रणवीर सिंह, थानाधिकारी, महिला थाना बाड़मेर