बाड़मेर

ASI के निधन के 8 दिन बाद हुआ तबादला, जोधपुर पुलिस की ट्रांसफर लिस्ट में लापरवाही आई सामने, जारी कर दिए मृतक के लिए आदेश

Rajasthan Transfer List: जोधपुर रेंज पुलिस की तबादला सूची में एक ऐसे ASI का नाम शामिल हो गया, जिनका आठ दिन पहले ही निधन हो चुका था। 9 जुलाई को जारी आदेश में दिवंगत एएसआई अनोपाराम का बाड़मेर से बालोतरा तबादला किया गया, जिससे विभागीय प्रक्रिया और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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Jul 11, 2026
ASI Anopram image
एएसआइ अनोपाराम की फाइल फोटो: पत्रिका

ASI Anoparam Name In Jodhpur Police Transfer List: जोधपुर रेंज पुलिस की ओर से जारी सहायक उप निरीक्षकों (एएसआइ) की तबादला सूची में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिनका आठ दिन पहले ही निधन हो चुका था। बाटाडू चौकी प्रभारी रहे एएसआइ अनोपाराम का एक जुलाई को जोधपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया था। इसके बावजूद 9 जुलाई को जारी स्थानांतरण आदेश में उनका नाम बाड़मेर से गृह जिला बालोतरा स्थानांतरित करने के लिए शामिल कर दिया गया।

जोधपुर रेंज आइजी कार्यालय की ओर से 9 जुलाई को जारी आदेश में रेंज के विभिन्न जिलों में कार्यरत 39 एएसआइ के तबादले किए गए। विभाग के अनुसार ये स्थानांतरण संबंधित पुलिसकर्मियों के प्रार्थना-पत्र के आधार पर किए गए हैं। जारी सूची में अनोपाराम पुत्र मोहबतराम का नाम भी शामिल है, जिनका स्थानांतरण बाड़मेर से उनके गृह जिला बालोतरा किया गया। एएसआइ अनोपाराम लीवर में संक्रमण से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उपचाराधीन थे। निधन के आठ दिन बाद जारी तबादला सूची में उनका नाम शामिल होने से विभागीय प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

कांस्टेबल के रूप में की थी शुरुआत

अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के निवासी थे। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी। बाद में पदोन्नति पाकर हेड कांस्टेबल और फिर एएसआइ बने। उन्होंने बाड़मेर कोतवाली सहित जिले के विभिन्न थानों में सेवाएं दी। वर्तमान में वे बाटाडू चौकी प्रभारी के पद पर कार्यरत थे।

तबादला नीति के विरोध में शिक्षक संघ का आंदोलन

राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) एसटीएफआई से संबद्ध ने शिक्षा मंत्री की कार्यशैली और तबादला प्रक्रिया का विरोध करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने आरोप लगाया कि तबादलों के नाम पर शिक्षकों को प्रताड़ित किया गया है तथा कई विद्यालयों को शिक्षक विहीन कर दिया गया है।

जिलाध्यक्ष भगवानाराम जाखड़ ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने विभागीय मर्यादाओं की अनदेखी करते हुए शिक्षकों में भय का वातावरण पैदा किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद पूनिया कशिश ने कहा कि विभाग का मुखिया संरक्षक की भूमिका में होता है, लेकिन शिक्षकों के साथ बदले की भावना से कार्य किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से स्थानांतरण नीति की बात की जा रही थी, लेकिन तबादलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

बालोतरा जिला मंत्री दिलीप बिरड़ा ने बताया कि संगठन की आपात बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की गई है। प्रांतीय संघर्ष समिति संयोजक पोखरमल ने बताया कि 13 जुलाई को ब्लॉक मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 14 जुलाई को शिक्षा निदेशक को ज्ञापन दिया जाएगा। 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा, जबकि 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया जाएगा।

राजस्थान शिक्षक संघ के सभाध्यक्ष महावीर सिहाग, प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा और महामंत्री विजय पोटलिया ने संयुक्त बयान में सरकार से मांग की कि स्थानांतरण प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए तथा शिक्षकों के सभी संवर्गों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू की जाए।

Updated on:
11 Jul 2026 07:09 am
Published on:
11 Jul 2026 06:56 am