- होप चेरिटेबल ट्रस्ट ने दी पचास हजार की मदद
बाड़मेर. किडनी की बीमारी के चलते जिंदगी की जंग लड़ रहे नेक मोहम्मद की मदद को प्लांटिक होप चेरिटेबल ट्रस्ट आगे आया है। शनिवार को संगठन अध्यक्ष हिन्दूसिंह तामलोर के नेतृत्व में ग्रुप सदस्यों ने पचास हजार रुपए की सहायता दी। सहायता पाकर नेक मोहम्मद को अच्छे इलाज की उम्मीद जगी है। गौरतलब है कि रैलिया ग्राम पंचायत तामलोर निवासी नेक मोहम्मद (23) लम्बे समय से बीमार है। पिता सुमारखां उसे लेकर गुजरात के कई अस्पतालों में घूमे तो पता चला कि उसकी किडनियां खराब हैं। इस दौरान उसने आठ-दस लाख रुपए खर्च कर दिए। चिकित्सकों ने किडनी बदलने का का खर्चा सात-आठ लाख रुपए बताया। पहले से हर मिलने वाले से मदद ले चुके सुमार की हिम्मत हार गई। किडनी नहीं बदलने तक इसका सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवाना पड़ रहा है । पहले गुजरात जाते थे, लेकिन अब बाड़मेर के निजी अस्पताल में इलाज हो रहा है। इस पर हर माह दस-पन्द्रह हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। पिता बेटे की बीमारी से परेशान है तो इससे भी ज्यादा चिंता हर माह रुपयों के इंतजाम की है। वह अपनी किडनी देकर नेक मोहम्मद की जिंदगी बचाना चाहता है, लेकिन गरीबी आड़े आ रही है। पत्रिका ने 22 नवम्बर को 'दो युवा लड़ रहे जिंदगी की जंग, माता-पिता के सिवाय कोई नहीं संगÓ समाचार प्रकाशित कर परिवार व मरीज की पीड़ा को उजागार किया था। इसके बाद ट्रस्ट अध्यक्ष ने सदस्यों से सहयोग लेकर पचास हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता नेक मोहम्मद को प्रदान की। इस अवसर पर सहयोगकर्ता शिवप्रताप सिंह चौहटन, कल्याणसिंह कपूरड़ी, अनवरसिंह सरपंच, खींवराजसिंह लखा, पार्षद बादलसिंह, सुरेश बांगड़ा, जोगेंद्रसिंह चौहान, सुधांशु जांगिड़, गौरवराजसिंह राजपुरोहित, सरपंच स्वरूपसिंह , योगेश राजपुरोहित, राजेश सोनी, हितेन ठक्कर, पार्षद बांकाराम मौजूद थे।
यहां भी मदद की दरकार
समाचार में बेसाराम सियाग निवासी ईशरोल की स्थिति को भी बयां किया था। जिसमें बताया था कि पिता भैराराम दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। करीब छह माह पहले बेसाराम की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने कहा कि उसकी किडनी सही कार्य नहीं कर रही है। बेसाराम को भी इलाज के लिए मदद की दरकार है।
पत्रिका का धन्यवाद- हालांकि अभी भी इलाज के लिए काफी राशि की जरूरत है, लेकिन पचास हजार की सहायता से संबल मिला है। राजस्थान पत्रिका का धन्यवाद।
- सुमारखां, पिता
पत्रिका के समाचार से चला पता- राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने पर नेक मोहम्मद की स्थिति का पता चला। ट्रस्ट सदस्यों व दानदाताओं से सहयोग कर राशि एकत्रित की। आगे भी मदद के प्रयास हैं। - हिन्दूसिंह तामलोर, अध्यक्ष प्लांटिक होप चेरिटेबल ट्रस्ट