
World Bicycle Day: विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बालोतरा जिले की दो बेटियों ने अपने संघर्ष, मेहनत और जज्बे से यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे संसाधनों की कमी और कठिन परिस्थितियां भी छोटी पड़ जाती हैं। बालोतरा जिले के गिड़ा क्षेत्र की धापू चौधरी और इंद्रा कुमारी ने राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने जयपुर में आयोजित साइक्लिंग प्रतियोगिता में पदक जीतकर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है।
गिड़ा की इंद्रा कुमारी की सफलता भी प्रेरणादायक रही है। जयपुर के सवाई मानसिंह खेल मैदान में आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया वेस्ट जोन वूमेन ट्रैक साइक्लिंग प्रतियोगिता में उन्होंने जूनियर वर्ग की 4 किलोमीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। विशेष बात यह रही कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उनके पास अपनी साइकिल नहीं थी। लेकिन उनका जज्बा कोई नहीं छीन सका। उन्होंने बीकानेर की एक सहेली से साइकिल उधार ली। उधार की साइकिल लेकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
इससे पहले इंद्रा राष्ट्रीय स्कूली ट्रैक साइक्लिंग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इंद्रा ने ओडिशा के संबलपुर में आयोजित 30वीं नेशनल रोड साइक्लिंग चैंपियनशिप की सब-जूनियर 30 किलोमीटर टीम टाइम ट्रायल स्पर्धा में रजत पदक भी हासिल किया। ऐसे में धापू और इंद्रा दोनों ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां अवसर मिलने पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
बालोतरा जिले के गिड़ा क्षेत्र की ही जाखड़ा गांव की धापू चौधरी ने राज्य स्तरीय एमटीबी ट्रायल साइक्लिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर नई मिसाल कायम की है। धापू चौधरी दो बच्चों की मां है। धापू के हाथ-पैर में फ्रैक्चर और गंभीर चोटें है और इसके साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती है। इसके बाद भी धापू ने हार नहीं मानी। और प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
जयपुर में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने वीमेन एलीट यू-23 वर्ग की 20 किलोमीटर रेस में देशभर के 200 से अधिक साइकिलिस्ट को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि के बाद राष्ट्रीय एमटीबी साइक्लिंग प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है, जहां वे अरुणाचल प्रदेश में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी। धापू अब तक चार बार राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।