
Balotra Textile Products Get Digital Identity: राजस्थान के औद्योगिक पावरहाउस बालोतरा के टेक्सटाइल (वस्त्र) उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत हो गई है। अब यहां की पारंपरिक रंगाई-छपाई और बेहतरीन वस्त्र केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी चमक बिखेरेंगे।
केंद्र सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत बालोतरा के उद्यमियों को 'डिजिटल गुरु' बनाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक दुष्यंत पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित दो दिवसीय 'डिजिटल एन्हांसमेंट एवं कौशल विकास प्रशिक्षण' कार्यक्रम ने स्थानीय कारीगरों की सोच बदल दी है। इस वर्कशॉप में व्यापारियों को सिखाया गया कि कैसे एक क्लिक पर वे अपने उत्पादों को सीधे विदेशी ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं।
इंटीग्रेटेड काउंसिल फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्किलिंग (ICES) की सीईओ माया ठाकुर ने बताया कि बालोतरा के टेक्सटाइल में वह हुनर है जो दुनिया के किसी भी ब्रांड को टक्कर दे सकता है, बस कमी थी तो सही डिजिटल पहचान की।
उद्योग विभाग और राजस्थान स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में विकास स्वामी, अमन और यज्ञेश जैसे विशेषज्ञों ने ओडीओपी (ODOP) के फायदों को विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षण में शामिल हुए स्थानीय उद्यमियों ने इसे अपनी किस्मत बदलने वाला कदम बताया है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियां सीखने के बाद अब वे अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि बालोतरा की अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा।
आईसीईएस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी माया ठाकुर ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विशेषज्ञ विकास स्वामी, अमन एवं यज्ञेश ने प्रतिभागियों को ओडीओपी योजना के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, उद्यमियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने व्यवसाय के विस्तार और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।