बाड़मेर

तीसरी वेव: बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क, ओपीडी में बढ़े बीमार

-कोविड के दौर में बच्चों का अस्पताल था खाली-दो महीनों बाद अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या में हुई बढ़ोतरी-तीसरी वेव को लेकर विभाग के साथ परिजन भी चिंतित

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तीसरी वेव: बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क, ओपीडी में बढ़े बीमार

बाड़मेर. तीसरी वेव की आशंकाओं के बीच बच्चों के अस्पताल की ओपीडी बढ़ती जा रही है। जबकि कोविड के दौर में पिछले महीनों अस्पताल आने वाले बीमार बच्चों की संख्या नहीं के बराबर थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से बीमार बच्चे बढ़े हैं। चिकित्सक भी मान रहे हैं कि शिशुरोग विभाग की ओपीडी में बीमार बच्चे ज्यादा आ रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर खासकर बच्चों के लिए खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में इस दौर में बच्चों के बीमार होने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जा रहा है। हालांकि बच्चे मौसम में बदलाव के चलते सामान्य बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। लेकिन चिंताग्रस्त परिजन उन्हें जल्द से जल्द बच्चों के चिकित्सक के पास लेकर पहुंच रहे हैं।
खांसी-जुकाम और बुखार से पीडि़त
अधिकांश बच्चे खांसी-जुकाम और बुखार जैसी सामान्य बीमारियों से पीडि़त आ रहे हैं। हालांकि ज्यादा खांसी और नाक बहने की स्थिति वाले बच्चों की आरटीपीसीआर जांच भी करवाई जा रही है। लेकिन अभी बच्चे सामान्य वायरल जैसी बीमारी से पीडि़त है, जो नियमित दवा लेने के बाद स्वस्थ हो रहे हैं।
इसलिए अस्पताल में बढ़ गए बच्चे
बार-बार अगले कुछ महीनों में कोविड की तीसरी लहर और वह भी बच्चों के लिए खतरा बताई जा रही है, ऐसी स्थिति में परिजना और अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं। ऐसे में बीमार होते ही तुरंत अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके कारण भी अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। वहीं चिकित्सकों का मानना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता होनी चाहिए। जिससे उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्र से ज्यादा आ रहे लोग
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के चिकित्सक नहीं होने से जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ समय से साधनों की कमी थी, लेकिन अब परिवहन के साधन फिर से शुरू होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य के कारण गांव से अस्पताल आ रहे हैं।
ओपीडी में बढ़े है बच्चे
पिछले दो महीनों के मुकाबले अब बच्चों की ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है। अभी मौसम में हो रहे बदलाव के चलते होने वाले सामान्य बीमारियों से ग्रस्त बच्चे आ रहे हैं।
डॉ. महेन्द्र चौधरी, वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ, राजकीय जिला अस्पताल बाड़मेर

Published on:
07 Jul 2021 10:02 pm
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