
बाड़मेर. पिछले साल अप्रेल-मई महीने में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूकता करने के लिए घूमने वाले वाहन फिर से शहर की सड़कों पर दिखने लगे हैं। कोविड-19 वायरस के तेजी से बढ़ते फैलाव से बचाव के लिए माइक से उद्घोषणा करके लोगों को सुरक्षित रहने के लिए सावचेत किया जा रहा है। ये वाहन सितम्बर अक्टूबर में बंद हो गए थे। लेकिन कोरोना फिर से बढऩे पर अब गलियों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
वायरस का संक्रमण फिर से बढ़ता जा रहा है। हालांकि अभी तक बाड़मेर में ज्यादा संक्रमित सामने नहीं आ रहे हैं। लेकिन पिछले तीन महीनों के मुकाबले मार्च में पॉजिटिव बढ़े हैं। बाजार में बढ़ती भीड़, स्कूल खुलने और आवाजाही के साधन बढऩे के साथ संक्रमण फिर से मूव हो रहा है। इसके चलते अन्य प्रदेशों से फैला संक्रमण फिर से धावा बोल सकता है। ऐसे में लोगों को मास्क पहनने के साथ जागरूक किया जा रहा है।
सोशल डिस्टेंस और मास्क की अनेदखी नहीं करें
वैक्सीन आ गई है, फिर भी मास्क बहुत जरूरी है। इससे संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। हालांकि कई मामले ऐसे भी सामने आ चुके हैं कि वैक्सीनेशन के बाद भी व्यक्ति संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए जागरूकता के माध्यम से मास्क की अनिवार्यता की पालना के साथ ही कोविड गाइडलाइन की अक्षरश: मानने की हिदायत भी दी जा रही है। कोरोना महामारी के शुरू होने के दौर में जो हिदायतें जैसे बार-बार हाथ धोना, मुहं, नाक व आंखों को नहीं छूना, सोशल डिस्टेंस, भीड़-भाड़ से बचने आदि को लेकर फिर से वाहन के माध्यम से माइक से घोषणा पूरे शहर और प्रमुख स्थानों पर करवाई जा रही है।
संस्थाओं ने शुरू किया है जागरूकता कार्यक्रम
केयर्न वेदांता और धारा संस्थान की ओर से चिकित्सा विभाग के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें शहर के सभी वार्ड में घूम-घूम कर वाहन के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय समझाए जा रहे हैं।