बाड़मेर

Barmer Land Scam: बाड़मेर में 440 अवैध कॉलोनियों का खुलासा, स्टांप पर बिक गई हजारों बीघा जमीन; सर्वे-नोटिस में उलझी UIT

Barmer Land Scam: बाड़मेर शहर के चारों ओर अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैल रहा है। बिना भूमि कन्वर्जन के हजारों बीघा जमीन स्टांप पर बेच दी गई। यूआईटी ने 440 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की हैं, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई। सर्वे और नोटिस की प्रक्रिया में मामला उलझा हुआ है, जबकि अवैध प्लॉटिंग का कारोबार धड़ल्ले से जारी है।
2 min read
Jun 23, 2026
Barmer Land Scam 440 Illegal Colonies Exposed
Barmer Land Scam 440 Illegal Colonies Exposed (Patrika Photo)

Barmer Land Scam 440 Illegal Colonies Exposed: बाड़मेर शहर के चारों ओर कृषि भूमि पर बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (कन्वर्जन) की स्वीकृति लिए धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। कॉलोनाइजर खेतों को समतल कर, ग्रेवल सड़कें बिछाकर स्टांप पेपर के जरिए भूखंड बेच रहे हैं, जबकि जिम्मेदार तंत्र आंखें मूंदे बैठा है। हालात यह है कि यूआईटी और नगर परिषद क्षेत्र में वर्षों से अवैध बसावट का खेल जारी है, लेकिन कार्रवाई नोटिसों और सर्वे तक ही सिमट कर रह गई है।

बता दें कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई तो बलदेव नगर, दानजी की होदी, विष्णु कॉलोनी समेत शहर से सटी कॉलोनियों जैसे हालात वहां भी होंगे। क्योंकि यहां मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा है। शिवकर रोड, महाबार रोड, गडरारोड, उत्तरलाई रोड, दानजी की होदी, बाड़मेर मगरा, जालीपा, हापों की ढाणी रोड, गेहूं रोड और बीदासर सहित शहर से जुड़े कई इलाकों में दर्जनों अवैध कॉलोनियां उभर चुकी हैं।

यूआईटी और नगर परिषद क्षेत्र में बीते वर्षों में करीब 500 से अधिक कॉलोनियां बिना अनुमति विकसित हो चुकी हैं। इन कॉलोनियों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त खुलेआम हो रही है, लेकिन न तो जमीन का विधिवत कन्वर्जन कराया गया और न ही नियमानुसार आधारभूत ढांचा विकसित किया गया।

रिकॉर्ड में 440 अवैध कॉलोनियां

यूआईटी के रिकॉर्ड में 440 से अधिक अवैध कॉलोनियां दर्ज हैं। यह खुलासा दो वर्ष पहले हुए सर्वे में हुआ था। इसके बावजूद यूआईटी के पास अब तक महज 25 कॉलोनियों का ही कन्वर्जन हो पाया है। यानी अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैलता गया, लेकिन नियमन और कार्रवाई की रफ्तार बेहद सुस्त रही। यूआईटी ने इन कॉलोनियों को सेटेलाइट सर्वे से चिन्हित भी किया, पर इसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

न सड़कें नियमों के मुताबिक न सुविधाएं

अवैध कॉलोनियों में 20 फीट तक की संकरी सड़कें छोड़कर प्लॉट काट दिए गए हैं। सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन आरक्षित रखने के नियमों की खुलेआम अनदेखी हुई है। नियमानुसार कॉलोनी विकास में 60:40 का अनुपात होना चाहिए, जिसमें 40 प्रतिशत भूमि पार्क, अस्पताल, पानी की टंकी, मंदिर, क्लब और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखी जाती है, जबकि केवल 60 प्रतिशत भूमि की ही प्लॉटिंग की जा सकती है।

साल 2024 में 72 कॉलोनियां चिन्हित

यूआईटी ने साल 2024 में सर्वे कर 72 कॉलोनियों को चिह्नित किया था और उन्हें अंतिम नोटिस भी जारी किए गए। इसके बावजूद न तो कॉलोनाइजरों ने कन्वर्जन शुल्क जमा कराया और न ही यूआईटी ने किसी कॉलोनी को हटाने, सीज करने या विकास कार्य रोकने जैसी कोई प्रभावी कार्रवाई की। नतीजा यह रहा कि यूआईटी क्षेत्र में हजारों बीघा कृषि भूमि स्टांप पेपर के जरिए अवैध कॉलोनियों में तब्दील होकर बिक गई।

मैंने अभी ज्वॉइन किया है। कॉलोनियों के कन्वर्जन को लेकर प्रयास करेंगे। अगर अवैध तरीके से कॉलोनियां विकसित हुई हैं तो उनमें कार्रवाई की जाएगी। पहले यदि कोई सर्वे हुआ है तो उसे भी दिखवाया जाएगा।
-विवेक व्यास, सचिव, यूआईटी, बाड़मेर

Updated on:
23 Jun 2026 08:51 am
Published on:
23 Jun 2026 08:51 am
Also Read
View All
Balotra: हाईटेक सुरक्षा को भी दिया चकमा, गड्ढा खोदकर रिफाइनरी की 700 KM लंबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन से चुरा लिया 2 टैंकर तेल

Inter-State Oil Theft Gang: गहरा गड्ढा खोदकर राजस्थान की HPCL रिफाइनरी से क्रूड ऑयल चोरी करने वाले 8 लोग गिरफ्तार, 2 टैंकर तेल बेचने का हुआ खुलासा

Rajasthan: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी, मेवाराम जैन समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे

बच्चा न होने पर बहू का कत्ल: बाड़मेर में दहेज लोभी पति और सास-ससुर करते थे प्रताड़ित, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

Rajasthan Viral News: खेत में 5 लाख रुपए दबाकर भूल गया किसान, जुताई के दौरान मिली रकम; नोटों को चट कर गई दीमक