- अपना कैमरा, अपना योजना अधरझूल:- पुलिस ने किए थे करीब 150 स्थान चिह्रित
बाड़मेर. शहर में अपराध पर तीसरी आंख से नजर रखने को व्यापारियों के सहयोग से प्रारंभ हुई अपना शहर, अपना कैमरा योजना एक साल में ही फ्लॉप हो गई है। योजना में 150 कैमरे लगने थे। व्यापारियों ने पुलिस के प्रोत्साहन पर 45 कैमरे लगा दिए लेकिन कोतवाल बदलने के बाद पुलिस ने ध्यान नहीं दिया और अब सारे कैमरे बंद हैं। नगरपरिषद और पुलिस के साझा प्रयास से लगे करीब 10 कैमरे पहले से ही बंद हैं। ऐसे में अब शहर में सीसीटीवी का सिस्टम पूर्णतया फेल हो गया है।
अपना शहर ,अपने कैमरे योजना 10 अक्टूबर 2016 को आरंभ हुई। पुलिस अधीक्षक व उप अधीक्षक ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उन्हें कैमरे लगाने को प्रोत्साहित किया। इस योजना की महानिरीक्षक जोधपुर रेंज हवासिंह घुमरिया ने भी तारीफ की। व्यापारियों ने अपना हित देखते हुए 45 कैमरे तो लगा भी दिए थे। इसके बाद शहर कोतवाल भंवरलाल सिरवी का तबादला हो गया। इस योजना को लेकर वे गंभीर थे लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। लिहाजा इस योजन का अब कोई धणी-धोरी नहीं है।
इन मामलों में मददगार हुए सीसीटीवी
- अम्बेडकर सर्किल पर रात को देशी कट््टा दिखाते हुए मारपीट की घटना।
-भगवानदास डोसी के मकान के पास एक बोलेरो वाहन चोरी।
- बाइक चोरी की घटनाओं पर रोकथाम।
-कृषि मण्डी में एक दुकान में नाबालिगों ने की चोरी।
सर्दियों में जरूरी
गर्मियों में तो शहर लगभग रातभर जागता है। स्टेशन रोड की कई दुकानें रात दो बजे तक खुली रहती हैं और सुबह भी जल्दी दुकानें खुल जाती है लेकिन सर्दियों में बाजार रात को ज्यादा बंद रहता है और लोगों का आवागमन भी कम हो जाता है। लिहाजा सर्दियों में यह बहुत जरूरी है।
योजना का पता करवाएंगे
योजना को लेकर कहां परेशानी हुई है इसका पता लगाने के बाद सकारात्मक कार्रवाई होगी। सीएलजी की बैठक में इस बात को लेकर चर्चा की थी। - विजेन्द्र सीला, शहर कोतवाल बाड़मेर