बाड़मेर के पुराने पावर हाउस में लगी भीषण आग। ट्रांसफार्मर ऑयल के ड्रमों में धमाके, घरों को खाली करवाया गया। करोड़ों का नुकसान, कलेक्टर-एसपी मौके पर। जानें पूरी इनसाइड स्टोरी।
सीमावर्ती जिले बाड़मेर में मंगलवार की दोपहर तबाही का मंजर लेकर आई। शहर के व्यस्ततम राय कॉलोनी रोड स्थित पुराने बिजली घर (पावर हाउस) में दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जाने लगा। स्टोर रूम में रखे ट्रांसफार्मर और ऑयल से भरे ड्रमों में हुए धमाकों ने पूरे शहर में अफरा-तफरी मचा दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाड़मेर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और शॉर्ट सर्किट को इस आग की वजह माना जा रहा है। एईएन (AEN) ऑफिस के सामने पड़े पुराने स्क्रैप (कबाड़) में सबसे पहले चिंगारी भड़की। हवा की रफ्तार और अत्यधिक तापमान की वजह से आग ने तुरंत पास के स्टोर रूम को अपनी चपेट में ले लिया।
पावर हाउस के स्टोर में भारी मात्रा में बिजली के मीटर, लाइनें और ट्रांसफार्मर ऑयल से भरे सैकड़ों ड्रम रखे थे। जैसे ही आग इन ड्रमों तक पहुँची, इलाके में धमाके सुनाई देने लगे। ऑयल फैलने की वजह से आग बिजली घर के पास स्थित रिहायशी घरों तक पहुँच गई। आसमान में इतना घना धुंआ छा गया कि दिन में भी अंधेरा महसूस होने लगा।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ऑफिस से सटे दो घरों को तुरंत अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने बिना देरी किए घरों को खाली करवाया।
घरों में रखे गैस सिलेंडरों को लोग खुद अपने हाथों में उठाकर बाहर भागते नजर आए, ताकि कोई बड़ा विस्फोट न हो। हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई थी, जिसे पुलिस प्रशासन ने लाठियों के जोर पर खदेड़ा ताकि राहत कार्य में बाधा न आए।
आग इतनी भयानक थी कि बाड़मेर नगर परिषद की दमकलें नाकाफी साबित हुईं। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत नगर परिषद, केयर्न एनर्जी और एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया।
कुल 20 से ज्यादा दमकल गाड़ियों ने मोर्चा संभाला। साधारण पानी से आग न बुझते देख विशेष गैस और फोम मंगवाया गया ताकि ऑयल की आग पर काबू पाया जा सके।
इस अग्निकांड में डिस्कॉम को भारी आर्थिक चोट पहुँची है। स्टोर में रखा करोड़ों का सामान, नए मीटर और ट्रांसफार्मर जलकर कोयला हो गए हैं। परिसर में खड़ी एक कार भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते स्टाफ बाहर निकल गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। कलेक्टर ने बताया कि स्क्रैप के ढेर की वजह से आग फैली थी। उन्होंने तुरंत आदेश जारी किए हैं कि जिले के सभी पावर स्टेशनों से स्क्रैप हटाया जाए और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
करीब 1 से 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक काबू पाया गया, लेकिन कूलिंग का काम देर शाम तक जारी रहा। बिजली विभाग के एसई (SE) अशोक मीणा ने बताया कि सब स्टेशन को काफी नुकसान पहुँचा है और शहर की बिजली व्यवस्था को बहाल करने में समय लग सकता है।