- प्रतिभाओं के जिला वरीयता सूची जारी होने की मांग
बाड़मेर.सीमावर्ती बाड़मेर जिले की बारहवीं विज्ञान की मैरिट को लेकर उम्मीदें इस बार फिर बलवती है। पिछले सालों में जिले के रहे अच्छे प्रदर्शन को लेकर इस बार भी प्रतिभाओं को एेतबार है कि राज्य की मैरिट में बाड़मेर का स्थान लग सकता है। विद्यार्थियों को जिला वरियता सूची जारी नहीं होने का भी मलाल है। प्रतिभाओं का कहना है कि यदि जिला मैरिट बनती है तो उन्हें इससे काफी प्रोत्साहन मिलता है। इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। शिक्षण संस्थाएं भी जिला वरीयता सूची जारी करने के पक्ष में है।
बारहवीं विज्ञान का परिणाम बुधवार को शाम 6.30 बजे जारी होगा। परिणाम को लेकर जिले में उत्साह बना हुआ है। पिछले परिणामों में जिले की प्रतिभाओं ने वरीयता सूची में नाम दर्ज किया है। जिले के तीन चार स्कूल तो एेसे है जिनमें जिला वरीयता सूची जारी होने पर स्कूल की आठ से दस प्रतिभाओं में इसको लेकर प्रतिस्पर्धा रही है। इस बार भी यह वरीयता जारी होने की मांग है लेकिन बोर्ड की ओर से इसको बंद कर दिया गया है। मयूर नोबल्स एकेडमी के शिक्षक वीरसिंह कहते है कि जिला वरीयता सूची तो जारी होनी चाहिए। इससे प्रोत्साहन मिलता है साथ ही यह भी पता चलता है कि जिले की सबसे टॉप 15 प्रतिभाएं कौन है। स्कूल, गांव और क्षेत्र के लिए यह खुशी की बात रहती है। शिक्षक बांकाराम सांजटा कहते है कि विद्यार्थी जीवन ही स्वच्छ प्रतिस्पर्धा है तो इसको रोकने का क्या फायदा? परीक्षा दे रही एेश्वर्या कहती है कि जिला वरीयता सूची जारी होने पर हम लोगों में कान्फीडेंस और डवलप होगा। इस साल कम अंक आए तो फिर इसको बढ़ाया जाएगा। साथ ही यदि मैरिट में आते है तो फिर यह परिवार और खुद के लिए कितनी बड़ी खुशी की बात है। आज के जमाने में जब एक-एक अंक के लिए आपस में हौड़ है तो इस हौड़ को खत्म करना ठीक नहीं है। बारहवीं के विद्यार्थी राकेश का कहना है कि किसी भी समस्या को लेकर यह नहीं कहा जा सकता है कि प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी जाए। इसके लिए जरूरी है कि प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाया जाए। इसके लिए विद्यार्थियो को मानसिक रूप से मजबूत किया जाना चाहिए।