बॉर्डर के गांवों में बीएडीपी के तहत हर साल अरबों रुपए विकास कार्यों पर खर्च होते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की बानगी यह तस्वीर पेश कर रही है।
गडरारोड/बाड़मेर . गडरारोड से खबडाला जाने वाली यह सड़क गडरारोड से ओनाडा के बीच इस कदर खस्ताहाल है कि पैदल भी नहीं चला जा सके। दो बार सांसद, दो बार विधायक और दो बार कलक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश देने के साथ सख्ती से कह दिया, लेकिन अधिकारी 'यस सर' बोलते रहे। पिछले 5 साल से बदहाल सड़क की अधिकारियों ने अभी हाल ही में 10 दिन पहले सुध ली और ग्रेवल-पत्थर डालकर पेचवर्क की लीपापोती कर डाली। हकीकत बयां करती शुक्रवार को खींची गई ये तस्वीरें...
इसलिए महत्वपूर्ण है सड़क
- वर्ष 2007 में बीएडीपी के तहत बनी थी यह सड़क
- गडरारोड से ओनाडा, करीम का पार, खानियानी, रावतसर, सालमसिंह की बस्ती, सेलोडिय़ा, गोरालिया, बाहला, खड़ीन, रतरेड़ी व खबडाला ग्राम पंचायत के 20 गांवों को जोड़ता है यह मार्ग
- बॉर्डर से ओनाडा महज 7 किलोमीटर है दूर
इस तरह जख्म दे रही सड़क
- 5 साल में बदहाली के कारण एंबुलेंस में ही 2 महिलाओं के प्रसव बीच सड़क हो चुके हैं।
- इस सड़क पर मोटरसाइकिल स्लिप होने की घटना आम बात है। कई लोग हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं।
- पहले गडरारोड से खबडाला तक 2-3 निजी बसें संचालित होती थी। ज्यों-ज्यों सड़क बदहाल होती गई बस संचालकों ने मार्ग बदलना शुरू कर दिया। अब यहां से किसी भी बस का संचालन नहीं होता। ऐसे में ओनाडा के ग्रामीणों के लिए आवागमन को लेकर न कोई बस है और न ही टैक्सी।
ये जिम्मेदार बोल तो गए लेकिन किया कुछ नहीं
सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी
वर्ष 2016 में दीपावली से पहले सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने गडरारोड में जनसुनवाई कर सड़क ठीक करवाने को कहा। पिछले दिनों रावतसर जाते समय कहा कि यह सड़क हर हाल में ठीक होनी चाहिए।
कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते
वर्ष 2016 के दिसंबर में तत्कालीन जिला कलक्टर ने गडरारोड में रात्रि चौपाल के दौरान जल्द मरम्मत को कहा। चार माह पहले वर्तमान कलक्टर ने स्वयं के मद से सड़क ठीक करने को कहा था।
विधायक कर्नल मानवेन्द्र सिंह
हाल ही में एक कार्यक्रम में भाग लेने गडरारोड पहुंचे शिव विधायक कर्नल मानवेंद्रसिंह की गाड़ी इस मार्ग में फंस गई। उन्होंने उसी दरम्यिान अधिकारियों से सड़क ठीक करने को कहा।
अब अधिकारियों के बोल
गडरारोड-ओनाडा सड़क नोन-पेचेबल श्रेणी में है। स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज रखा है। जिला कलक्टर कार्यालय को पत्र भेजा हुआ है लेकिन वहां से स्वीकृति अभी नहीं मिली।-मंगलदास वैष्णव, सहायक अभियंता, सानिवि शिव
मां का टूटा पैर
सड़क क्षतिग्रस्त होने से प्रतिदिन हादसे होते हैं। मेरी मां का पैर भी फ्रेक्चर हो गया। मैं स्वयं एक बार चोटिल हो चुका हूं। दस दिन पहले जले पर नमक छिड़कने की तर्ज पर यहां मिट्टी डाल इतिश्री कर ली।-प्रतापराम भील, निवासी ओनाडा