
बाड़मेर। अफसरों पर मनमानी का आरोप जड़ते हुए जिला परिषद् की साधारण सभा की बैठक का बुधवार को कांग्रेस सदस्यों के साथ स्वयं जिला प्रमुख ने ही बहिष्कार कर दिया। बाद में भाजपा से जुड़े कुछ सदस्य भी साथ हो गए। सांसद और संसदीय सचिव के सामने एक-एक करके पूरा सदन खाली हो गया। अचानक हुए घटनाक्रम से अचंभित सांसद ने काफी देर तक सदस्यों की राह देखी। दो बार सीईओ को भी सदस्यों को बुलाने भेजा। नहीं आने पर उठकर चल दिए।
ऐसे शुरू हुआ हंगामा
सदस्य फतेह खान ने कहा कि सरकारी सम्पत्ति के उद्घाटन कार्यक्रमों में अफसर जनप्रतिनिधियों को नजर अंदाज कर रहे हैं। कई जगह तो मनाही के बावजूद अफसरों ने पट्टिका पर नाम लिखा लिए। प्रधान पुष्पा चौधरी ने तो एक पट्टिका की फोटो प्रति भी दिखाई, जिसमें प्रधान का नाम ही गायब था। एक-एक करके फिर सदस्य बोलने लगे और हंगामा बढ़ता गया। कांग्रेस विधायक, प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य एक-एक करके सभा कक्ष से उठकर रवाना हो गए।
सांसद ने पूछे नियम
इस घटनाक्रम के बाद सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने सीईओ एमएल नेहरा से नियम पूछे। उन्होंने कहा कि उद्घाटन पट्टिका पर अफसरों के नाम कैसे आ रहे हैं? सीईओ ने कहा कि यह गलत है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बाद में बाड़मेर के विकास अधिकारी को वहां बुलाकर चेताया।
कोरम का अभाव, बैठक स्थगित
जिला प्रमुख भी उपस्थिति नहीं रही। कोरम का अभाव होने से बैठक को स्थगित कर दिया। पट्टिका पर अधिकारी व कर्मचारी का नाम नहीं लिख सकते है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।- एम.एल.नेहरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
कांग्रेस ने मैदान नहीं छोड़ा, अधिकारियों की मनमानी?
कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मैदान नहीं छोड़ा है? आमजनता की समस्या की लड़ाई लड़ रहे है? बैठकों में होने वाली कार्रवाई की पालना नहीं हो रही है। विकास कार्यो की स्वीकृति में अधिकारियों को पूछा तक नहीं जाता है। फिर ऐसी बैठक में कांग्रेस नहीं बैठेगी। विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि अगर अधिकारी नहीं सुधरे तो सरकार की नींद खराब कर देंगे। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।
- अफसरशाही हावी
अधिकारी जनप्रतिनिधियों की नहीं सुन रहे है। इसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। यह सब सरकार के इशारो पर हो रहा है। जनता परेशान है। - प्रियंका मेगवाल, जिला प्रमुख बाड़मेर