- तोड़ गए किशोर संप्रेषण गृह की खिड़कियां- किशोर गृह से सवा माह पहले भाग गए पांच बाल अपचारी, नहीं लगा कोई सुराग - एक बाल अपचारी का पिता पुलिस में एएसआई
भवानीसिंह राठौड
बाड़मेर. कोई बंदी यदि सवा महीने पहले जेल तोड़कर फरार हो जाए तो शर्तिया पूरे महकमे की हालत पतली हो जाए और अब तक कई अधिकारी नप गए होते लेकिन बाड़मेर में पांच बाल अपचारी सवा माह पहले किशोर संप्रेषण गृह की तमाम सुरक्षा इंतजामों को धत्ता बताकर फsरार हो गए और उनका अब तक कोई अता-पता नहीं है। विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है और पुलिस भी तलाश नहीं पाई है। इसमें से एक पुलिस महकमे में कार्यरत एएसआई का बेटा है।
जानकारी के मुताबिक गत 7 अक्टूबर की रात राजकीय संपे्रक्षण एवं किशोर गृह में विधि से संघर्षरत पांच बालकों ने बालक गृह की बाथरूम की खिड़की तोड़कर पलायन कर दिया। उसके बाद किशोर गृह ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज करवाई, लेकिन सवा महिना बीतने के बावजूद भी कोई सुराग नहीं लगा है और ना ही पुलिस इन्हें तलाश पाई है। हालांकि संप्रेषण गृह में लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी हर हरकत कैद है।
यों भाग गए बाल अपचारी
किशोर संप्रेक्षण गृृह में बाल अपचारियों को रखा जा रहा है। यहां एक बाल अपचारी को जमानत पर छूट गया था। फिर सुधार गृह में रह एक बाल अपचारी ने परिजनों से बात करने का कहकर उससे संपर्क किया और कहा कि हमें बाहर निकलना है, लोहा काटने के लिए आरी पहुंचा और उसने देर रात खिड़की से आरी पहुंचा दी। उसके बाद पांच बाल अपचारियों ने बाथरूम की खिड़की काटकर भाग गए। उसके बाद कोई सुराग नहीं लगा है।
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केस.1
चौहटन थाना पुलिस ने दो एक बाल अपचारियों को अलग-अलग चोरी के मामले में सरंक्षण में लिया। उसके बाद उसे किशोर संप्रेक्षण गृृह भेज दिया। बाल अपचारी ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। एक ने तो चोरी का वाहन खरीदा और नंबर प्लेट चेंज कर दी।
केस.2
सिवाना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बाल अपचारियों के एक चोरी के मामले में दस्तयाब किया। उसके बाद किशोर संप्रेक्षण गृृह भेज दिया। दोनों ने रात के समय में घर के ताले तोड़कर एक वाहन चोरी की वारदात अंजाम दिया।
केस. 3
गिड़ा थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामले एक बाल अपचारी को पकड़ा। उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। ---
- थाने में शिकायत दर्ज है।
विधि से संघर्षरत पांच बालक गृह की खिड़की तोड़कर एक माह पूर्व पलायन कर गए। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज है, पुलिस तलाश कर रही है। - अश्विनी शर्मा, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाड़मेर