- शहर के तिलक बस स्टेण्ड पर नहीं कर पाए कॉम्पलेक्स का निर्माण, विपक्ष का आरोप : शहरवासियों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं
भवानीसिंह राठौड़
बाड़मेर. नगर परिषद बोर्ड के दो साल के विकास कार्य आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया को तकते हुए मंथर गति से चल रहे है। सवा लाख से पार आबादी और मीलों तक फैल रहे बाड़मेर शहर के लिए नगरपरिषद अब करोड़ों रुपए महीना खर्च करे तो सफाई और अन्य इंतजाम हों। नई योजनाएं जो शहर में स्वच्छता, सौंदर्य और ग्रीन बाड़मेर-क्लीन बाड़मेर के ध्येय को पूरा करे ऐसी योजनाओं का बड़ा खाका तैयार नहीं हुआ है। शहर की सरकार को आने वाले तीन साल में बहुत कुछ करना बकाया है।13 करोड़ की आय 17 करोड़ का खर्चा
नगर परिषद के कांग्रेसनीत बोर्ड ने दो साल के कार्यकाल में शहर में विकास के नाम पर करीब 17 करोड़ रुपए खर्च किए है। जिसमें सड़क, नाली समेत विद्युतीकरण के काम शामिल है, जबकि नगर परिषद को दो साल में आय महज 13 करोड़ रुपए हुई है। ऐसे में आय से पांच करोड़ रुपए ज्यादा खर्च हुए है।
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यह निर्णय अधरझूल
- फायर फाइटिंग सिस्टम लागू नहीं, बाजार में एक बड़ा हादसा भी हुआ
- अतिक्रमण मुक्त करने की सूची बनी, अतिक्रमण नहीं हटे
- भूमि शाखा में जमा पट्टा पत्रावलियां अभी तक लंबित
20 फीसदी सुधरी सफाई व्यवस्था
- नगर परिषद बाड़मेर देश में 131 वें व राजस्थान में 11 वें स्थान पर है। गत वर्ष से 20 फीसदी सुधार हुआ है।
यह गिनाई उपलब्धियां
- 378 कार्यादेश जारी कर 16 करोड़ 6 लाख का व्यय हुआ है।
- 07 विकास कार्य विधायक कोष से , जिसमें 99.10 लाख रुपए खर्च
यह रहा खास
नंदी गोशाला :1 करोड़ 40 लाख रुपए खर्च कर 1495 निराश्रित गोवंश को रखा।
विद्युत : 80 लाख खर्च, 20 लाख रुपए विधायक कोष से
पट्टा वितरण : कृषि भूमि के 208 पट्टे, स्टेट ग्रांट एक्ट के 193 पट्टे, 69-ए 400 पट्टे जारी किए हैै। इसके अलावा 589 भवन निर्माण की स्वीकृति व योजना भूमि की 115 लीज डीड जारी की गई है।
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प्रतिपक्ष : निगरानी नहीं, गुणवत्ता गोल
नगर परिषद के बोर्ड को दो साल बीत गए है, ना तो बोर्ड की बैठक समय पर बुला रहे है और ना ही मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। अभी प्रशासन शहरों के संग अभियान के पीछे पड़े हुए है। सड़कें तो बन रही है लेकिन गुणवत्ता को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। - पृथ्वी चण्डक, प्रतिपक्ष नेता, नगर परिषद, बाड़मेर
800 पट्टे दिए, स्वच्छता में भी आगे
नगर परिषद बोर्ड का दो साल का कायज़्काल अच्छा रहा है। हमने 800 पट्टे जारी किए है। शहर में विकास के लिए 17 करोड़ खर्च किए, सड़कों की तस्वीर बदल रही है। स्वच्छता भी आगे रहे है। पहले से सुधार हो रहा है। शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करवा दिया। नंदी गोशाला का संचालन बेहतर है। - दिलीप माली, सभापति, नगर परिषद, बाड़मेर