
भवानीसिंह राठौड़@बाड़मेर. जिले की सोनड़ी लिग्नाइट माइंस में करोड़ों रुपए का कोयला आग में सुलग रहा है। विभाग की लापरवाही से कोयला उत्पादन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पूरे दिन खदान क्षेत्र में कोयले के जलने से धुआं फैला रहता है। यह धुंआ आसपास के ग्रामीणों के लिए जहर बन गया है। कोयला जलने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) की ओर से संचालित सोनड़ी माइंस से प्रतिमाह 40 हजार टन से ज्यादा कोयले का उत्पादन हो रहा है। कोयले की खदान में जगह-जगह आग सुलग रही है। पूरे क्षेत्र में कहीं पर भी आग बुझाने के लिए कोई इंतजाम नजर नहीं आए। अनदेखी की हद इतनी है कि करोड़ों का कोयला जैसे आग के हवाले कर दिया गया हो। जबकि तत्काल काबू नहीं पाने पर हालात विकट होने की आशंका है।
नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
माइंनिग क्षेत्र में जहां ट्रकों से कोयले का परिवहन हो रहा है, वहां फव्वारों से पानी का छिड़काव करने का नियम है। लेकिन सोनड़ी माइंस क्षेत्र में छिड़काव जैसा कुछ नहीं हो रहा है। ऐसे में यहां दिनभर डस्ट उड़ती है। ग्रामीणों व मजदूरों का जीना दुश्वार है।
अधिकारियों ने छुपा लिए मुंह
खदान में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। जब यहां एक अधिकारी से उनके खुद की सुरक्षा को लेकर सवाल किया तो वह अपना मुंह छुपाते हुए गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए। सरकारी खदान में काम करने वाले मजदूरों व अधिकारियों के पास अन्य सुरक्षा उपकरण तो दूर सामान्य हेलमेट तक नहीं थे।
धुएं से फैल रहा प्रदूषण
सोनड़ी लिग्राइट खदान में कोयले से करोड़ों का राजस्व मिल रहा है। इसके बावजूद आसपास के गांवों में प्रदूषण रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। माइंस क्षेत्र में सड़क पर डस्ट जमा है। इससे यहां से आवाजाही दूभर हो गई है। माइंस क्षेत्र में पौधरोपण को लेकर भी खानापूर्ति ही की गई है।
- प्रयास कर रहे हैं, इंतजाम करेंगे
माइंस क्षेत्र में कोयले से धुआं निकल रहा है। इसे अलग मशीनें लगाकर रोकने का प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए। कोयले से अत्याधिक धुआं निकलने के बाद मैं खुद मौके पर गया था। प्रयास कर रहे हैं। नुकसान नहीं है।- एसी शर्मा, माइनिंग हैड, आरएसएमएमएल