बाड़मेर। पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान के बाड़मेर जिले की धनाऊ पंचायत समिति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नवसृजित ग्राम पंचायत सदराम की बेरी के 171 मतदाताओं के नाम कथित रूप से हटाकर उन्हें ग्राम पंचायत जाणियो की बस्ती में जोड़ने का गंभीर आरोप लगाया गया […]
बाड़मेर। पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान के बाड़मेर जिले की धनाऊ पंचायत समिति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नवसृजित ग्राम पंचायत सदराम की बेरी के 171 मतदाताओं के नाम कथित रूप से हटाकर उन्हें ग्राम पंचायत जाणियो की बस्ती में जोड़ने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया को अवैध बताते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार सदराम की बेरी पंचायत से जिन 171 मतदाताओं के नाम हटाए गए, उनमें से 129 नाम जाणियों की बस्ती के वार्ड संख्या 5 में तथा 42 नाम वार्ड संख्या 2 में जोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित सभी मतदाताओं के घर, कृषि भूमि और स्थायी निवास सदराम की बेरी पंचायत क्षेत्र में ही हैं। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी सूचना या आवेदन के दूसरी पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया। ज्ञापन में वार्ड संख्या 2 और 5 के विभिन्न क्रमांकों का उल्लेख करते हुए इस गड़बड़ी को उजागर किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरी कार्यवाही बिना किसी धरातलीय सत्यापन के की गई है। इसमें संबंधित बीएलओ सहित प्रशासनिक स्तर पर भारी मनमानी बरती गई है। ग्रामीणों ने कहा कि मतदाताओं के नाम इस प्रकार हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और चुनाव प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच करवाई जाए। जिनका वास्तविक निवास सदराम की बेरी में है, उनके नाम पुनः मूल पंचायत की सूची में शामिल किए जाएं। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
फिलहाल मेरे पास नाम इधर-उधर करने की जानकारी नहीं आई है, लेकिन प्राप्त फॉर्मों की जांच की जा रही है। यदि गलत तरीके से नाम कहीं जोड़े गए हैं, तो इसकी गहन जांच करवाकर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
-रणछोड़ लाल, एसडीएम, चौहटन