बाड़मेर

संस्कृति व संस्कार ही हमारी पूंजी

मनाया सामूहिक जन्म दिवस

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मनाया सामूहिक जन्म दिवस

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पचपदरा. संस्कार और संस्कृति ही असली मायने में हमारा धन, पंजी, विरासत है। इसकी सुरक्षा करना ही हमारा दायित्व है। बच्चों से ज्यादा अभिभावक लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें अपने संस्कारों की शिक्षा देने में समय नही दे रहे हैं। आचार्य तुलसी ने संस्कारों की सुरक्षा के लिए जैन संस्कार विधि और ज्ञानशाला जैसे अवदान दिए। हम अपने परिवार में हर अवसर पर जैन संस्कार विधि या भारतीय संस्कृति के अनुसार कार्य करें तो बच्चों को भी हमारी संस्कृति व संस्कारों का ज्ञान मिलेगा। यह विचार बालोतरा तेरापंथ युवक परिषद के पूर्व अध्यक्ष रमेश भंसाली ने तेयुप की आेर से स्थानीय तेरापंथ भवन में आयोजित जैन संस्कार विधि से सामूहिक जन्मोत्सव कार्यक्रम में कही। उन्होंने जन्मदिन पर केक काटने और मोमबत्तियां जला कर बुझाने को गलत बताते हुए कहा कि ज्योति या रोशनी बुझाना हमारी संस्कृति का अंग नहीं है, यह बच्चों को सिखाएं।

तेयुप अध्यक्ष हितेन्द्र छाजेड़ ने स्वागत भाषण में कहा कि संस्कारो के संवहन के लिए हर महीने के प्रथम रविवार को सामूहिक जन्मोत्सव जैन संस्कार विधि से मनाया जाए, उसी के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जनवरी में जन्में 18 बालक-बालिकाओं, युवक-युवतियों व बुजुर्गों का जन्म दिवस मनाया गया।
तेयुप मंत्री नरपत छाजेड़ ने जवेरीलाल सालेचा और भंसाली ने जैन संस्कार विधि से जन्मोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न करवाया। कार्यक्रम के शुभारम्भ पर कन्या मण्डल ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया । जन्म दिवस मनाने वाले सभी सम्भागियों को प्रमाण- पत्र व इनाम दिया गया।

आचार्य का नगर प्रवेश, स्वागत-सामैया में उमड़े श्रद्धालु

स्लग-- रामजी का गोल तीर्थ में उमड़ा उल्लास...
- तीन दिवसीय महोत्सव का मुख्य समारोह व ध्वजारोहण आज

रामजी का गोल फांटा पत्रिका
कस्बे के मेरुतुंग पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ की प्रथम वर्षगांठ पर त्रि-दिवसीय रत्नत्रयी जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को जैनाचार्य कविन्द्र सागर आदि ठाणा का भव्य स्वागत सामैया के साथ रामजी का गोल में नगर प्रवेश हुआ। प्रात: 10:30 बजे गाजे-बाजे और बैण्ड की स्वर लहरियों के साथ साधु-संतों का स्वागत किया गया। इसमें बाड़मेर जिले के विभिन्न स्थानों सहित सूरत, अहमदाबाद, पाली, मोरसिम, भीनमाल, जालोर, मुम्बई आदि स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने शिरकत की। आचार्य का स्वागत सामैया रामजी का गोल स्थित जैन भवन से प्रारम्भ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए मेरुतुंग पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ परिसर पहुंचा। यहां प्रवेश द्वार पर ट्रस्ट मण्डल की ओर से स्वागत किया गया। आचार्य के सामैया में मंगल कलशधारी महिलाओं व बालिकाओं सहित सैंकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।

धर्मसभा का हुआ आयोजन,
मंगल प्रवेश के बाद तीर्थ परिसर में धर्मसभा हुई। आचार्य ने मंगल पाठ का उद्बोधन करते हुए वीर वाणी सुनाई। इस दौरान भक्ति कार्यक्रम के साथ-साथ वार्षिक चढ़ावों की बोलियां लगाई गई।

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Published on:
09 Jan 2018 11:08 pm
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