पत्रिका अभियान- ट्रैफिक जाम से मिले निजात, शहर में बिगड़ रही यातायात व्यवस्था, जहां चाहा वहां लगा दिए ब्रेक
बाड़मेर.
शहर में यातायात व्यवस्था पुलिस के नियंत्रण से बाहर है। टैम्पो चालकों की मनमानी के चलते सबसे अधिक यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। शहर के प्रमुख चौराहे हो या मुख्य सड़क मार्ग। टैम्पो चालक सवारी के चक्कर में बीच सड़क पर ब्रेक लगा देते हैं, फिर चाहे पीछे वाहनों की कतार लग जाए, लेकिन उन्हें कोई परवाह नहीं। जबकि बीच रास्ते में ब्रेक लगाने पर कोई रोकटोक करने वाला दूर तक नजर नहीं आता। ऐसे में यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।
टैम्पो चालक साइड में भी नहीं लेते और सवारी के हाथ देने पर बीच सड़क पर ही रोक देते हैं। ऐसा ही सवारी को उतारने के दौरान किया जाता है। चालकों को पता है कि रेलवे स्टेशन से चौहटन चौराहे तक का यातायात का कोई धणीधोरी नहीं है। ऐसे में चालक मनमानी से चलते हैं। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 16 पॉइंट है, लेकिन हर जगह एक जैसी स्थिति है। कहीं पर भी यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई नहीं होती है, हालांकि पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन लापरवाह चालकों व आमजन में भय नहीं है।
ओवरलोड चलते हैं टैम्पो
शहर में टैम्पो ओवरलोड चलते हैं। क्षमता से अधिक सवारियां बैठा कर यातायात पुलिस की गुमटी के पास रेलवे स्टेशन से रवाना होते हैं, लेकिन पुलिस देखती है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं करती है। इसके अलावा पुलिस गुमटी के पास कोई भी सड़क पर वाहन पार्क कर देता है, लेकिन जिम्मेदार पुलिसकर्मी अनभिज्ञ बने रहते हैं।
परमिट से ज्यादा सवारियां
ऑटो और टैम्पो चालकों ने परमिट में निर्धारित सीटों के अलावा वाहन में सवारियां अधिक बैठाने के लिए चालक के पास अलग से सीटें लगवा रखी हैं। इस पर यातायात पुलिस की नजर ही नहीं पड़ती है।