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बालोतरा. प्रदेश का सुनहरा भविष्य रिफाइनरी अब मूर्तरूप लेती नजर आ रही है। अब यहां सपनों का संसार परवान चढ़ रहा है। करोड़ों की परियोजना के तहत चारदीवारी का निर्माण गति पकड़ चुका है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और सैकड़ों श्रमिक दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। वाहनों की रेलमपेल के बीच दूर से ही रिफाइनरी स्थल की चारदीवारी दिख रही है।
33 किमी में बन रही चारदीवारी - रिफाइनरी निर्माण को लेकर डेढ़ दर्जन से अधिक इंजीनियर व 400-500 श्रमिक निर्माण में लगे हुए हैं। रिफाइनरी के प्रस्तावित 12 सौ बीघा जमीन के चारों ओर करीब 33 किलोमीटर में दीवार बनाई जानी है। जानकारी अनुसार 8 से 10 किलोमीटर दूरी में दीवार फाउण्डेशन का कार्य किया गया है। वहीं, तीन किलोमीटर दूरी में ऊपरी भाग में दीवार बन गई है। रिफाइनरी स्थल पर 16 किलोमीटर मुख्य सड़कें बनाई जानी है, इसमें से अधिकांश बन गई हंै।
दो सौ ट्रक जुटे जमीन समतलीकरण में
ें- रिफाइनरी क्षेत्र में जमीन समतलीकरण को लेकर मिट्टी डाली जा रही है। इस काम में 150 से 200 ट्रक जुटे हुए हैं। 40 फीसदी मिट्टी डाल प्रथम लेयर का कार्य पूरा कर लिया गया है। पानी संग्रहण को लेकर 180 मीटर लंबाई, 140 मीटर चौड़ाई व 5.5 मीटर गहराई में हौद निर्माण के लिए खुदाई का कार्य किया जा रहा है। वेयर व साइट हाउस का निर्माण भी जोरों पर है। रिफाइनरी क्षेत्र से गुजरने वाली पेयजल लाइन को शिफ्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में रिफाइनरी स्थल पर करीब 400 करोड़ रुपए के कार्य किए जा रहे हैं। चार माह से जारी कार्य पर कभी विरान नजर आने वाला पचपदरा का साल्ट क्षेत्र अब चमन दिखाई देने लगा है।
चार माह से चल रहा कार्य
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस प्रदेश सरकार ने शासन समाप्ति से पूर्व पचपदरा में शिलान्यास किया, लेकिन बाद में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। अब वर्तमान सरकार के नए अनुबंध पर 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री ने इसके निर्माण को लेकर रिफाइनरी निर्माण कार्य शुभारम्भ किया। एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी लिमिटेड कंपनी के तत्वावधान में 43 हजार करोड़ रुपए की प्रस्तावित रिफाइनरी को लेकर चार माह से पचपदरा में निर्माण कार्य चल रहा है।
बालोतरा. रिफाइनरी की चारदीवारी निर्माण में लगे श्रमिक।
फोटो-- गौतम जीनगर