- यूआइटी दो साल में नहीं करवा पाई शहर में कोई विशेष कार्य- कॉलोनी का दावा महज कागजी, विकास कार्योंके पंख अधूरे
बाड़मेर. नगर सुधार न्यास (यूआइटी) के मास्टर प्लान 2031 के क्रियान्वित होने की उम्मीदों को पिछले दो साल से पंख नहीं लग रहे हैं। वर्ष 2016 में यूआईटी अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद बाड़मेर को दुबई बनाने का सपना संजोए बैठे थारवासियों के लिए यूआइटी एक कॉलोनी से बाहर नहीं निकल पाई है। यूआइटी के दावा अनुरूप फायदा शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2013 में बाड़मेर में यूआइटी बनाने की घोषणा की थी। उसके बाद जनवरी 2016 में अध्यक्ष की नियुक्ति कर बाड़मेर में मास्टर प्लान के तहत दुबई की तर्ज पर विकास करवाने का दावा किया गया। लेकिन हालात यह है कि सचिव के अलावा अन्य स्थायी कर्मचारी नहीं मिल पाए हैं। यहां दो लेखाधिकारी व कनिष्ठ अभियंता प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे हंै। यूआइटी के पास खुद का भवन भी नहीं है। मनोरंजन केन्द्र में यूआइटी कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। ऐेसे में यूआइटी अभी पूरी तरह से अस्तित्व में ही नहीं आ पाई है।
दो साल में कॉलोनी पूरी नहीं कर सके
यूआइटीअध्यक्ष नियुक्ति को दो साल बीत गए हैं। लेकिन कोई बड़ा विकास कार्य गिनाने लायक नहीं है। यहां गडरारोड पर 424 बीघा जमीन पर प्रस्तावित कॉलोनी कागजों में अटकी है। हां, इतना जरूर है कि शहर में दीवारों पर रंग-रोगन करवा कर करीब सवा तीन लाख रुपए खर्च कर खुद अपनी पीठ-थपथपा रही है।
बेटी गौरव उद्यान का सपना
सरकार की योजना अनुरूप यूआइटी को उत्तरलाई के पास बेटी गौरव उद्यान बनाने के प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसमें एक बड़ा पार्क स्थापित करना है। यह पार्क आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। लेकिन यूआइटी मनोरंजन केन्द्र से बाहर नहीं निकल पाई तो विकास कैसे होगा।
22 स्वीकृत, चार के भरोसे कार्यालय
नगर सुधार न्यास कार्यालय में 22 अधिकारी-कार्मिकों के स्थायी पद स्वीकृत हैं। लेकिन यहां महज एक सचिव व दो लेखाधिकारी व कनिष्ठ अभियंता ही हैं। अन्य कई पदों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी हुई है। स्टाफ की कमी के चलते भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। जिससे यूआइटी का फायदा नहीं मिल रहा।
करवा रहे हैं काम
गडरारोड पर प्रस्तावित कॉलोनी की फाइल सरकार को भेज दी है। जल्द ही स्वीकृति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा। उत्तरलाई रोड पर बेटी गौरव उद्यान बनने जा रहा है। शहर में सौंन्दर्यीकरण को लेकर रंग-रोगन करवाया है।
- चैनाराम चौधरी, सचिव, नगर सुधार न्यास बाड़मेर