बाड़मेर

9 करोड़ के इंतजार में रुक गया काम, 118 भवन अधूरे

- भवन निर्माण व मरम्मत कार्यों पर बजट की मार

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बाड़मेर-बालोतरा जिले के सरकारी विद्यालयों में भवन निर्माण हो या फिर मरम्मत कार्य, चार माह से अटके हुए हैं। क्योंकि समसा के तहत बजट आवंटित नहीं हो रहा है। इन कार्यों के लिए नौ करोड़ की जरूरत है। बजट मिले तो 118 कार्य पूर्ण हो सकेंगे। बजट के अभाव में अब ठेकेदारों ने हाथ खींच लिए हैं जिस पर कहीं छत अधूरी है तो कहीं दीवारों का काम रूका हुआ है। राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में नए भवन निर्माण व पुराने भवनों की मरम्मत के लिए समग्र शिक्षा अभियान समसा के तहत बजट जारी करती है। जिले में वर्तमान में 118 विद्यालयों में नए भवन का निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा है। मार्च तक उक्त कार्य पूर्ण होने थे लेकिन इस बीच बजट अटक गया जिस पर उक्त कार्य अभी अधूरे हैं। गौरतलब है कि चार माह से बजट नहीं मिलने पर समसा में निर्माण कार्य का कई माह से ठेकेदारो को भुगतान नही हुआ है।

बजट लिमिट जारी नहीं- वार्षिक योजनाओं के अन्तर्गत स्वीकृत निर्माण कार्य की जयपुर से एसएनए भुगतान पद्धति से कई माह से बजट लिमिट जारी नही होने से संवेदकों को भुगतान नही हो रहा है। अन्य योजनाओं के अन्तर्गत स्वीकृत निर्माण कार्य का भुगतान पीडी खाता में राशि जमा नही होने भुगतान नही हो रहा है।
ठेकेदारों पर भी कर्जा- निर्माण कार्य को लेकर संवेदक ठेकेदार बाजार से उधार से काम चल रहे हैं। लेकिन चार माह से भुगतान नहीं होने पर उन पर भी काफी कर्जा हो चुका है। ऐसे में अधिकांश छत तक के बाद के कार्य रुक गए हैं। वहीं, कई जगह मरम्मत कार्य भी नहीं हो रहे। बजट लिमिट के अभाव में मार्च 2024 तक उक्त कार्य पूर्ण होना संभव नहीं है।

अटके है कार्य
बजट के अभाव में कार्य अटके हुए हैं। जिले में करीब 118 कार्य समसा के तहत चल रहे हैं जिनका नौ करोड़ का बजट बकाया है।
- तनुराम राठौड़, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा बाड़मेर

Published on:
21 Mar 2024 12:22 am