
पचपदरा. 2013 का चुनाव हारने के बाद भी पचपदरा में सक्रिय रहे मदन प्रजापत के लिए चुनावों से ठीक पहले का समीकरण पसीने छुड़ा गया। मानवेन्द्रसिंह कांगे्रस में शामिल हुए और चित्रासिंह का नाम यकायक पचपदरा से सामने आ गया। यह कशमकश रही कि प्रजापत को टिकट के लिए किनारे नहीं कर दिया जाए।
इसका पटाक्षेप टिकट का खुलासा होने पर ही हुआ और उनको फिर से मैदान में उतारकर पार्टी ने राहत दी। मदन अमराराम के सामने यह तीसरा चुनाव लड़ेंगे। अभी एक बार मदन प्रजापत और एक बार अमराराम जीते हैं।
क्षेत्र का विकास ही ध्येय
पार्टी का बहुत-बहुत शुक्रिया। काम करने वालों को कांग्रेस ने हमेशा तवज्जो दी है। मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ूंगा। जनता से जुड़कर रहा हूं और रहूंगा। क्षेत्र का विकास ही ध्येय है। कार्यकर्ताओं के बूते टीमवर्क के साथ चुनाव लड़कर जीत हासिल करेंगे।- मदन प्रजापत
प्रत्याशी का आधार
प्रोफेशन- ठेकेदार
सोशल मीडिया- कांग्रेस का साथ ही सबका विकास
पहचान- जमीनी कार्यकर्ता
राजनीतिक अनुभव- 2008 विधायक, 2013 का चुनाव हारे
कॅरियर ग्राफ- 2003 में बसपा से चुनाव लड़ा और फिर कांग्रेस में आए
लाइफ स्टाइल- कुर्ता पायजामा
अकसर यहां मिलते हैं- रबारियों का टांका आवास
पिछले बार कितने वोटों से जीत या हार
77476- अमराराम चौधरी
54239- मदन प्रजापत
23239- अंतर