
- दो महिलाओं के पोस्टमार्टम का मामला
बाड़मेर. गडरारोड सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दो महिलाओं के पोस्टमार्टम के मामले में चिकित्सा महकमा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर गलियां निकालने की जुगत में लग गया है तो इधर जिला कलक्टर ने कहा कि मामले की जांच करवा कार्रवाई की जाएगी। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इधर रावणा राजपूत समाज ने इसे शव की अवमानना बताते हुए सरकार से मामले की जांच की मांग की है।
गडरारोड में दो महिलाओं के शव का अस्पताल परिसर की खुली सड़क पर पोस्टमार्टम किए जाने को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. कमलेश चौधरी ने कहा कि इस मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। सीएचसी में भवन की कमी है। सड़क पर नहीं अस्पताल परिसर में ही पोस्टमार्टम किया गया था। अभी भवन निर्माण चल रहा है, इस कारण भी दिक्कत है। उन्होंने कहा कि सभी को भविष्य में गंभीरता बरतने का निर्देश दिए गए हैं। जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते ने कहा कि मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट मांग ली गई है। सड़क पर नहीं अस्पताल परिसर में ही पोस्टमार्टम किया गया था। अभी भवन निर्माण चल रहा है, इस कारण भी दिक्कत है। उन्होंने कहा कि सभी को भविष्य में गंभीरता बरतने का निर्देश दिए गए हैं। जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते ने कहा कि मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट मांग ली गई है। उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
इधर, रावणा राजपूत समाज के जिलाध्यक्ष ईश्वरङ्क्षसह चौहान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है कि महिलाओं के शवों की अवमानना की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मोर्चरी नहीं है लेकिन बरामदा, कोई कक्ष या अन्य व्यवस्था तो होनी थी। परिजन के एेतराज के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इस घटना से समाज में रोष है। इसकी गंभीरता से जांच की जाए।