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बाड़मेर फायरिंग के बाद जैसलमेर से जोधपुर तक छिपते रहे बदमाश, हिस्ट्रीशीटर ‘अंग्रेज’ समेत 2 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

पुलिस ने रावतसर में आपसी लेनदेन के विवाद को लेकर चाय की होटल पर जानलेवा हमला कर फायरिंग करने के मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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Rawatsar firing

रावतसर फायरिंग मामला। फोटो: पत्रिका

बाड़मेर। सदर थाना पुलिस ने रावतसर में आपसी लेनदेन के विवाद को लेकर चाय की होटल पर जानलेवा हमला कर फायरिंग करने के मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश उर्फ अंग्रेज (26) निवासी भोजासर, बायतु और उसके सहयोगी सांवलाराम (20) निवासी टाकुबेरी, सिणधरी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त हथियार व वाहन की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार 1 सितंबर को रावतसर में लेनदेन के विवाद को लेकर फायरिंग की सूचना मिली थी। परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि कमलेश उर्फ अंग्रेज, सांवलाराम व अन्य स्कॉर्पियो में सवार होकर चाय की होटल पर आए और उस पर जानलेवा हमला करते हुए लगातार फायरिंग की। परिवादी ने होटल की चीणों की आड़ लेकर अपना बचाव किया। फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए नाकाबंदी करवाई। लेकिन, आरोपियों को कोई सुराग नहीं लगा।

फायरिंग के बाद जोधपुर की ओर भागे आरोपी

घटना के बाद आरोपी पुलिस की नाकाबंदी से बचने के लिए जैसलमेर, शिव, बाटाडू, भीमड़ा, बायतु, बालोतरा व जोधपुर की ओर भागते रहे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य व वृत्ताधिकारी बुद्धाराम बिश्नोई के सुपरविजन, सदर थानाधिकारी देवीचंद ढाका के नेतृत्व में डीएसटी तथा थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने आमसूचना के आधार पर तलाश करते हुए दोनों आरोपियों को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया।

बायतु थाने का हिस्ट्रीशीटर है मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कमलेश उर्फ अंग्रेज बायतु थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ लूट, मारपीट, मादक पदार्थ तस्करी, हथियार तस्करी, वाहन चोरी, नकबजनी सहित करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से अपराधों में सक्रिय है।

तस्करी के लिए युवाओं को जाल में फंसाते

पुलिस जांच में सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर कमलेश उर्फ अंग्रेज ड्रग्स तस्करी के लिए नए युवकों को तैयार करता था। पुलिस के अनुसार सांवलाराम पुत्र खेताराम निवासी टाकूबेरी, सिणधरी को भी हिस्ट्रीशीटर ने अपनी गैंग में शामिल किया था। उसे मेवाड़ से डोडा-पोस्त लाने के लिए ले जाया जाने लगा। सांवलाराम के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं।