
बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी की ओर से आर्या परियोजना के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण शिविर में बोलते हुए डीडीएम नाबार्ड बाड़मेर डॉ. दिनेश प्रजापत ने कहा कि बकरी पालन बाड़मेर के लिए एक प्रासंगिक कार्य है।
सभी बकरीपालक वैज्ञानिक ढंग से बकरी पालन करें और बकरियों का रखरखाव, आवास, स्वास्थ्य नस्ल और वातावरण की अनुकूलता के बारे में ध्यान रखें। उन्होंने विभिन्न बैंकों की ओर से बकरीपालन के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. बाबूलाल जाट ने कहा कि बकरीपालन एक लाभदायक व्यापार है। इसके माध्यम से अच्छा खासा लाभ कमाया जा सकता है। केन्द्र के गंगाराम माली ने बताया कि बकरीपालन एक ऐसा व्यवसाय है जो कम जमा पूंजी में अधिक मुनाफा देता है।
डॉ. रावताराम ने बताया कि ग्रामीण युवाओं में इस तरह के कौशल विकास से आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिलती है। अच्छी नस्ल की बकरियों को पालन कर छोटे स्तर पर मध्यम वर्ग के किसानों को अपना रोजगार प्रारंभ करना चाहिए। तुरफान खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।