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REET Level-1 Result: राजस्थान रीट परीक्षा में मजदूर के बेटे ने किया टॉप, जिले का नाम किया रोशन

बाड़मेर जिले के देवका निवासी हंसराज पुरी गोस्वामी ने रीट लेवल-1 परीक्षा में राजस्थान में प्रथम रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। हंसराज के पिता शांतपुरी गोस्वामी लकड़ी के हेंडीक्राफ्ट के कारीगर हैं और गुजरात में मजदूरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद हंसराज ने मेहनत और लगन से प्रदेशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।

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Hansraj Puri Goswami

REET Level-1 Result: रीट परीक्षा में टॉप करने वाले हंसराज पुरी गोस्वामी (फोटो-पत्रिका)

बाड़मेर। सीमित संसाधन, साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्षों से भरी जिंदगी के बीच अगर कोई युवा पूरे राजस्थान में पहला स्थान हासिल कर ले, तो उसकी सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है। बाड़मेर जिले के देवका गांव के रहने वाले हंसराज पुरी गोस्वामी ने ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने रीट लेवल-1 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) 2025 में प्रदेशभर में प्रथम रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बाड़मेर जिले का नाम रोशन कर दिया है।

हंसराज की इस उपलब्धि के बाद गांव में खुशी का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार, शिक्षक और ग्रामीण लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। उनकी सफलता की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है और लोग इसे मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीत बता रहे हैं।

हंसराज के पिता गुजरात में करते हैं मजदूरी

हंसराज के पिता शांतपुरी गोस्वामी लकड़ी के हस्तशिल्प (हेंडीक्राफ्ट) कार्य से जुड़े कारीगर हैं और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए गुजरात में मजदूरी करते हैं। आर्थिक संसाधन सीमित होने के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। पिता की मेहनत और बेटे के समर्पण ने आखिरकार ऐसा परिणाम दिया कि हंसराज पूरे राजस्थान में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।

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माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय

हंसराज पुरी ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे उनकी कठोर मेहनत, नियमित अध्ययन और सक्सेस पॉइंट संस्थान का मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों तथा शिक्षकों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया और मनोबल बढ़ाया। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रतिदिन 10 से 12 घंटे नियमित अध्ययन किया।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

रीट लेवल-1 परीक्षा के परिणाम जारी होने के साथ ही हंसराज की सफलता प्रेरणादायक कहानी बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए संदेश है जो परिस्थितियों को अपनी मंजिल के रास्ते की बाधा मान लेते हैं। हंसराज ने साबित कर दिया कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो सफलता जरूर मिलती है।

पीडीएफ प्रारूप में जारी हुआ रिजल्ट

बता दें कि गुरुवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने रीट मेंस शिक्षक भर्ती परीक्षा के लेवल-1 का परिणाम जारी किया। बोर्ड ने चयनित अभ्यर्थियों के रोल नंबर पीडीएफ प्रारूप में जारी किए हैं। अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं।

रिजल्ट से पहले 2000 पद बढ़े

परिणाम जारी होने से पहले बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए शिक्षक भर्ती में 2000 पदों की बढ़ोतरी भी की। अब लेवल-1 में पहले प्रस्तावित 5000 पदों के स्थान पर 7000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि लेवल-2 का परिणाम पहले ही जारी किया जा चुका है और अब दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अंतिम नियुक्ति दी जाएगी।

गौरतलब है कि रीट मेंस परीक्षा का आयोजन 17 से 20 जनवरी 2026 के बीच दो पारियों में हुआ था। आंसर-की पर प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब अंतिम परिणाम घोषित किया गया है।