
Balotra: सांकेतिक तस्वीर (फोटो-एआई जेनरेटेड)
बालोतरा। जिले में नशामुक्ति शिविर की आड़ में प्रतिबंधित दवाइयों के इस्तेमाल की आशंका को लेकर एटीएस और स्थानीय पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धोरीमन्ना कस्बे में मंगलवार शाम संयुक्त अभियान के दौरान एक कार से 8,170 प्रतिबंधित नशीली गोलियां, 1.78 लाख रुपए नकद और वाहन जब्त किया गया। पुलिस ने कार में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी उदयपुर से धोरीमन्ना आए थे, जहां उन्होंने कथित रूप से नशामुक्ति शिविर का आयोजन किया था। शिविर समाप्त होने के बाद जब वे कार से वापस लौट रहे थे, तभी पहले से निगरानी कर रही एटीएस और धोरीमन्ना पुलिस ने मुख्य चौराहे से गुड़ामालानी रोड की ओर बढ़ते समय उनकी कार को रोक लिया।
वाहन को थाने ले जाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अलग-अलग प्रकार की कुल 8,170 प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद हुईं। इसके अलावा कार से 1 लाख 78 हजार रुपए नकद भी मिले। आरोपियों से इन दवाइयों के संबंध में वैध लाइसेंस और आवश्यक अनुमति मांगी गई, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
धोरीमन्ना थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महेंद्र वहराड़े, उसके सहयोगी कपिल और चालक छोटूसिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कार को भी जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद दवाइयों का इस्तेमाल कथित तौर पर नशा छुड़ाने के नाम पर लगाए जाने वाले शिविरों में किया जा रहा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ऐसे शिविरों में लोगों से मोटी रकम वसूली जाती थी। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रतिबंधित दवाइयां कहां से लाई गई थीं, उनकी आपूर्ति कौन कर रहा था और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं नशामुक्ति शिविर की आड़ में प्रतिबंधित दवाइयों का अवैध वितरण तो नहीं किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
Updated on:
22 Jul 2026 11:05 pm
Published on:
22 Jul 2026 10:53 pm
