बाड़मेर

राशि ही नहीं मिलेगी तो कैसे सुधरेगी सड़कें?

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में नहीं मिला पर्याप्त बजट, प्रस्तावित सड़कों की मरम्मत अटकी

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पूर्व के वर्षों में बनी उन खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की जानी प्रस्तावित है,

- भेजे कई प्रस्ताव, एक-एक सड़क निर्माण की मिली स्वीकृति

बालोतरा. सालों पहले बनी प्रधानमंत्री सड़कों की मरम्मत का काम अब पर्याप्त बजट के चक्कर में अटक सकता है। क्योंकि योजना के द्वितीय चरण में ब्लॉक की सभी सड़कों की मरम्मत की स्वीकृति जो नहीं मिली है, इसके पीछे कारण पर्याप्त बजट आवंटन नहीं होना है। एेसे में बालोतरा व सिवाना ब्लॉक में एक-एक सड़क का ही कायाकल्प होगा।

केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वितीय में आबादी व सुविधाओं के मानक निर्धारित कर सार्वजनिक निर्माण विभाग से खस्ताहाल प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव मांगे, इस पर कई सड़कों के प्रस्ताव भिजवाए गए, लेकिन सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक एक ही सड़क स्वीकृत की। इस पर शेष सड़कों से जुड़े गांवों को वहीं जर्जर सड़कों के चलते परेशान होना पड़ेगा। गौरतलब है कि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने 2000 में पूरे देश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरू की थी। इसके बाद कई सड़कें बनी, लेकिन निर्माण के बाद केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार के इसकी सुध नहीं लेने पर ये क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी मरम्मत की मांग ग्रामीण लम्बे समय से कर रहे थे, जिस पर सरकार ने प्रस्ताव मंगवाए, लेकिन अब एक-एक सड़क मरम्मत की स्वीकृति दी है।

दो सड़कों की ही होगी मरम्मत - प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना प्रथम की सफल क्रियान्विति पर केन्द्र सरकार ने द्वितीय चरण की योजना शुरू की। इसमें पूर्व के वर्षों में बनी उन खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की जानी प्रस्तावित है, जिनकी दूरी पांच किलोमीटर से अधिक, आबादी धनत्व ज्यादा तथा इनसे विद्यालय, चिकित्सालय, बैंक आदि सुविधाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार ने अंक निर्धारित कर सार्वजनिक निर्माण विभाग से प्रस्ताव मंगवाए। राज्य की तकनीकी एजेंसी ने प्रस्तावित किया, लेकिन धन अभाव को लेकर सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक ही सड़क स्वीकृत की। ब्लॉक पचपदरा में रामसीन मूंगड़ा-कांकराला-उमरलाई 15 किमी के लिए 4 करोड़ 45 लाख व ब्लॉक सिवाना में मूठली-

इन्द्राणा-सिणेर दूरी 11 किमी को लेकर 2 करोड़ 99 लाख 33 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।
अटके प्रस्ताव, करना पड़ेगा लंबा इंतजार- ब्लॉक पचपदरा में कुड़ी- मूंगड़ा-ढंढ 12 किमी, टापरा-पादरू 8 , भाडख़ा-कानोड़-पाटोदी 13 , जसोल-तिलवाड़ा 12 , पचपदरा-बागुण्डी 14 , ब्लॉक सिवाना में कांखी-परिहारों की ढाणी 8.80 किमी, बालोतरा-किटनोद-मेली 7 , कुण्डल-बेरानाड़ी 6.5 , मजल-ढीढस- समुजा 14.40 , सिवाना-पीपलून- हल्देश्वर महादेव 8.10, भलरों का बाड़ा- होतरड़ा 6.20 किमी के सड़क सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के प्रस्ताव प्रस्तावित किए थे। ये प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुए हैं।

ग्रामीण उठा रहे परेशानी- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में पूर्व के वर्षों में बनी सड़कों की स्थिति बदतर है। हर दिन ग्रामीण परेशानी उठाते हैं। सरकार प्राथमिकता से इनकी मरम्मत करवाएं। - कीर्ति श्रीमाली

सभी सड़कों की मरम्मत करवाएं- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में बनाईअधिकांश सड़कें टूट-बिखर गई है। मरम्मत के अभाव में हादसे हो रहे हैं। गांवों के विकास व आमजन की सुविधा के लिए पुन: तैयार करवाएं। - गरिमा राजपुरोहित, पूर्व प्रधान सिवाना
एक-एक सड़क ही स्वीकृत- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वितीय में प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक सड़क स्वीकृत की गई है। टेंडर किए जाने हैं। दो-तीन माह में कार्य शुरू होगा। शेष सड़कें प्रस्तावित है। - वीरचंद सोनी, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग बालोतरा

01- समदडी. भलरो का बाडा से होतरड़ा क्षतिग्रस्त सडक।

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Published on:
06 Dec 2017 12:17 am
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