बाड़मेर

बाहरवीं से आगे नहीं पढ़ पा रही है बालिकाएं, बीच में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर, आखिर क्यों ?

- महाविद्यालय का अभाव - बीच में पढ़ाई छोडऩे को मजबूर छात्राएं

2 min read
Dec 03, 2017

समदड़ी. तहसील और पंचायत समिति मुख्यालय समदड़ी शिक्षा को लेकर अभी भी क्रमोन्नति का इंतजार कर रहा है। यहां सरकार ने उप तहसील को तहसील में क्रमोन्नत किया, ग्राम पंचायत मुख्यालय को पंचायत समिति मुख्यालय बना दिया, लेकिन बारहवीं का स्कूल की क्रमोन्नति प्रशस्त कर यहां महाविद्यालय नहीं खोला। एेसे में समदड़ी और आसपास के गांवों की बालिकाएं बारहवीं के बाद पढ़ाई छोडऩे को मजबूर है।

20 हजार की आबादी वाला कस्बा समदड़ी उपखंड का सबसे बड़ा कस्बा है। एक ही कस्बे में दो ग्राम पंचायतें होना इसका बड़ा उदाहरण है। कस्बे व क्षेत्र की बढ़ी आबादी व हुए विस्तार पर सरकार ने तहसील व पंचायत समिति कार्यालय स्वीकृत किया। इस पर कस्बा व क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों को अच्छी सुविधा मिलने के साथ तेजी से विकास हो रहा है। तहसील समदड़ी क्षेत्र में 21 ग्राम पंचायतों में 62 राजस्व गांव आते हैं। इन गांवों में सैकड़ो विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन उच्च शिक्षा को लेकर सरकारी उदासीनता उन्हें बीच में पढ़ाई छोडऩे को मजबूर कर रही है। क्योंकि अभी तक यहां महाविद्यालय की सुविधा नहीं है। इस पर हर वर्ष सैकड़ों बालिकाएं उच्च शिक्षा से वंचित रहती है।
अठारह स्कूल हैं नोडल क्षेत्र में -समदड़ी नोडल अधिकारी के अधिन 18 उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं। इस विद्यालयों में कक्षा बारहवीं में दो सौ छात्राएं एवं 284 छात्र अध्ययनरत है। उच्च अध्ययन के लिए इन्हें 40 किलोमीटर दूर बालोतरा जाना पड़ता है। गांव ढ़ीढ़स के छात्रों के लिए बालोतरा की दूरी 70 किलोमीटर है। इस पर अधिक दूरी पर बहुत सी बालिकाएं बगैर उच्च शिक्षा हासिल किए बीच में ही पढ़ाई छोड़ती है। शहरों में महंगी शिक्षा, रहने-खाने के खर्च व असुरक्षा की भावना को लेकर अधिकांश अभिभावक बेटियों को स्नातक की पढ़ाई करवाने से परहेज कर रहे हैं। इस पर हर वर्ष सैकड़ों बेटियां मन मसोस कर पढाई से नाता तोड़ घर के काम में हाथ बंटाती है।

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उच्च शिक्षा से वंचित हो रही बालिकाएं-

समदड़ी में महाविद्यालय नहीं होने से बालिकाएं उच्च शिक्षा हासिल करने से वंचित रह रही है। उच्च शिक्षा के सपने अधूरे रह जाते हंै। उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय जरूरी है। - स्वरूप कंवर, सरपंच रामपुरा
महाविद्यालय खुलना चाहिए- समदड़ी बड़ा कस्बा है। छात्रों के हित में महाविद्यालय खुलना चाहिए। पंचायत समिति बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। - सीतादेवी पटेल, पंचायत समिति सदस्य

परेशानी हो रही है- समदड़ी में महाविद्यालय नहीं है। कॉलेज शिक्षा के लिए बालोतरा, जोधपुर जाना पड़ता है। दूरी पर अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार महाविद्यालय खोलें। - हिमांगी मेहता, छात्रा
शीघ्र ही महाविद्यालय खुलने की उम्मीद- समदड़ी में महाविद्यालय खोलने के लिए प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री अवगत करवाया गया है। इसके शीघ्र खुलने की उम्मीद है। - हमीरसिंह भायल, विधायक

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Published on:
03 Dec 2017 03:40 pm
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