
Indo-Pak Border Encroachment Drive: बाड़मेर: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों पर अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आयोजित सर्व धर्म शांति सभा में सर्व समाज का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों, सामाजिक संगठनों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठजनों ने सभा में भाग लिया।
बता दें कि सभा के बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर सीमावर्ती क्षेत्र में की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की गई। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोग लेकर पहुंचे।
सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौन जुलूस के रूप में हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे। तख्तियों पर सबसे बड़ा धर्म इंसानियत', 'नफरत छोड़ो, मोहब्बत जोड़ो' और 'हमारी पहचान भाईचारा और इंसानियत' जैसे संदेश लिखे थे। इसमें विभिन्न समाजों के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनका काम नफरत फैलाना, विवादित बयान देना और लोगों को आपस में उलझाना है। उन्होंने कहा कि थार के लोग इस मंशा को कभी सफल नहीं होने देंगे और क्षेत्र की भाईचारे की परंपरा को टूटने नहीं देंगे।
वहीं, बायतु विधायक हरीश चौधरी ने बॉर्डर क्षेत्र में की जा रही कार्रवाई को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताते हुए कहा कि कुछ लोग थार की अपणायत और सामाजिक एकता को तोड़ना चाहते हैं। लेकिन यहां के लोग एकजुट हैं और किसी भी सूरत में भाईचारे को कमजोर नहीं होने देंगे।
वक्ताओं ने कहा कि बाड़मेर की पहचान सदैव सामाजिक समरसता, आपसी सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द की रही है। उन्होंने संविधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण संवाद की परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, उदाराम मेघवाल, लक्ष्मण गोदारा, प्रियंका मेघवाल सहित विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि बाड़मेर की पहचान हमेशा आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की रही है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता दीपक परमार, रिडमल सिंह दांता, सुरताराम मेघवाल, गणपत सिंह ताणु, मुकन सिंह राजपुरोहित, किस्तूर सिंह रावणा राजपूत, बांका राम सुथार, रमेश प्रजापत, महावीर बोहरा, वीपी सिंह महेचा, अनिल जोशी, तरुण बलवानी, ठाकराराम माली, एडवोकेट कानाराम बारूपाल, मुल्तान सिंह महाबार सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। हजारों लोगों ने अपनी बात रखते हुए सामाजिक एकता, सद्भाव और आपसी सम्मान को बनाए रखने का संकल्प लिया।