
बाड़मेर. जिले में मुस्लिम परिवारों की महिलाएं भी करवा चौथ का व्रत रखती हैं। जानकर बड़ा ताजुब्ब होता है, लेकिन यह सच है। महिलाएं अपने पति की लम्बी आयु की कामना के साथ साम्प्रदायिक सौहार्द की अपनी जड़ों को भी मजबूत करती हैं।
करवा चौथ पर सकीना व शबनम अपने पति की लम्बी आयु की कामना के लिए निराहार रहकर व्रत करती हैं। पूरी रस्में निभाते हुए शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। मुस्लिम मिरासी (मांगणिहार) समाज की महिलाएं करवा चौथ का पर्व उत्साह से मनाती हैं।
निराहार रहती हैं पूरे दिन
करवा चौथ पर मिरासी समाज की महिलाएं दिनभर निराहर रहती हैं। शाम को कथा का श्रवण कर चंद्र दर्शन के साथ पूजा कर व्रत खोलती हैं। इस दौरान पति की ओर से पत्नी को उपहार भेंट किया जाता है।
साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल
मिरासी समाज मुस्लिम पर्व के साथ हिंदू त्योहारों को भी पूरी श्रद्धा और उत्साह से मनाता है। यह अनूठा रिवाज सामाजिक संबंधों को और सौहादपूर्ण बनाने के साथ दूसरों को भी प्रेरित करता है। वहीं परम्पराओं के साथ जीते आए लोगों की एक अलग पहचान को उजागर करता है।
महिलाएं व्रत करती हैं
मिरासी समाज की महिलाएं करवा चौथ का व्रत करती हैं। साम्प्रदायिक सौहार्द का इससे बड़ा उदाहरण नहीं मिल सकता है।
रोशन खां मिरासी, अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार
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तेली महापंचायत का अभिनंदन समोराह कल जयपुर में
बाड़मेर. रााज्य भर में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बसे समस्त तेली समाज ने राजस्थान मुस्लिम तेली महापंचायत का गठन किया है। तेली महापंचायत बाड़मेर जिलाध्यक्ष नसीम खां साउ ने बताया कि रविवार को जयपुर में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों का अभिनंदन एवं शपथ ग्रहण समारोह होगा। जिसमें राज्य भर के तेली समाज के लोग सामाजिक व राजनीतिक मसलों पर अहम फैसला लेंगे।
पोस्टर विमोचन किया
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