1.84 लाख मीट्रिक टन जीरा जाता है अमरीका.. बाड़मेर से 50 फीसदी हैण्डीक्राफ्ट को लेकर दीपक शारदा बताते हैं कि अमरीका की ओर से 26 प्रतिशत कर लगता है तो इससे उत्पाद महंगा हो जाएगा। अभी यूरोप और अमरीका दो बड़े खरीदार है। हैण्डीक्राफ्ट में भी जो लकड़ी के उत्पाद है उनके कारखाने जोधपुर है। […]
1.84 लाख मीट्रिक टन जीरा जाता है अमरीका.. बाड़मेर से 50 फीसदी
हैण्डीक्राफ्ट को लेकर दीपक शारदा बताते हैं कि अमरीका की ओर से 26 प्रतिशत कर लगता है तो इससे उत्पाद महंगा हो जाएगा। अभी यूरोप और अमरीका दो बड़े खरीदार है। हैण्डीक्राफ्ट में भी जो लकड़ी के उत्पाद है उनके कारखाने जोधपुर है। इसके लिए कारीगर और व्यापारी बाड़मेर से जुड़े हैं। हालांकि अमरीका से हैण्डीक्राफ्ट का आयात भारत नहीं कर रहा है। इसलिए अमरीका यदि पारस्परिक(रेसीप्रोकल) टैरिफ की शर्त वस्तु अनुसार तय करता है तो फिर हैण्डीक्राफ्ट को राहत मिलेगी, अन्यथा करोड़ों का यह व्यवसाय प्रभावित होगा।
जोधपुर-गुजरात और बाड़मेर के व्यापारी करेंगे मंथन
अचानक आए इस बदलाव ने व्यापार जगत में हलचल लाई है। उत्पादों को लेकर बाड़मेर में जोधपुर, गुजरात के व्यापारी सीधे जुड़े हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों के व्यापारी भी अब इस मंथन में लग गए हैं, जो बाड़मेर से उत्पादों को खरीदते हैं।