बाड़मेर

राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन करेगा राजस्थान का ये दिग्गज नेता, बिगड़ेंगे चुनावी समीकरण

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Oct 14, 2018
rahul gandhi manvendra singh

बाड़मेर।

भाजपा से नाराज शिव विधायक व जसवंत सिंह के पुत्र मानवेन्द्र सिंह 17 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। उस दिन राहुल गांधी दिल्ली में रहेंगे। जानकारी के अनुसार मानवेन्द्र नवरात्र में कांग्रेस ज्वाइन करना चाह रहे थे, लेकिन राहुल गांधी के लगातार दौरों के चलते समय नहीं मिल पा रहा है। 17 अक्टूबर को नवरात्र की अष्टमी है। मानवेन्द्र इसको लेकर अभी खुलासा नहीं कर रहे हैं। मानवेन्द्र की इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात हुई है।


इस बीच मानवेंद्र की पत्नी चित्रा सिंह के इस बार शिव विधानसभा से चुनाव लडऩे की भी चर्चा है। शिव मानवेंद्र की सीट है। मानवेन्द्रसिंह ने 22 सितंबर को पचपदरा में स्वाभिमान रैली का आयोजन कर कमल का फूल मेरी भूल कहकर भाजपा छोड़ दी थी।

... इधर, हरीश चौधरी बोले- 'मानवेन्द्र- कर्नल जो भी आए स्वागत'
कांग्रेस में पैराशूट प्रत्याशियों को पचपदरा की कांग्रेस की संभाग स्तरीय संकल्प रैली में खुले मंच से विरोध कर चुके हरीश चौधरी ने कहा है कि मानवेन्द्र सिंह-कर्नल सोनाराम चौधरी जो भी कांग्रेस में आए उसका स्वागत किया जाएगा। जहां तक किसी के आने पर रायशुमारी का सवाल है तो कांग्रेस सबसे सलाह लेती है।


उन्होंने कहा कि मानवेन्द्र ने देर से कहा कि कमल का फूल मेरी भूल, ये पूरा देश कह रहा है। ना तो मैं मानवेन्द्र का विरोधी हूं ना ही कर्नल सोनाराम चौधरी का। वहीं चौधरी के बायतु से चुनाव लडऩे की चर्चा के बीच उन्होंने कहा कि जो पार्टी तय करेगी वही होगा।


सैनी बोले- 'भाजपा से दूर नहीं होगा राजपूत समाज'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने दावा किया है कि कुछ तात्कालिक घटनाओं से नाराज होकर राजपूत समाज भाजपा से दूर नहीं जाएगा। सैनी ने पत्रकारों से कहा कि राजपूत किसी कारण से नाराज होंगे तो उनसे बात करेंगे, लेकिन वे भाजपा से दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एक मात्र देशभक्त पार्टी है। दूसरों को देश की चिंता नहीं है। ये देश मेरी मातृभूमि है, एेसे मानने वाले हिंदू हों, मुस्लिम हो या कोई भी हो। भाजपा उनमें भेद नहीं करती।

बदलेंगे कई समीकरण
पश्चिमी राजस्थान की राजनीति को यह निर्णय प्रभावित करेगा। भाजपा राजपूत मतदाताओं को पक्ष में करने के लिए कई दावं खेल चुकी है। इस बीच मानवेन्द्र की 22 सितंबर को स्वभिमान रैली में राजपूतों का अच्छा समर्थन मिला। मानवेन्द्र के कांग्रेस में जाने पर कई राजनीतिक व जातिगत समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

Updated on:
14 Oct 2018 02:18 pm
Published on:
14 Oct 2018 01:48 pm