बाड़मेर

जिला मुख्यालय पर तीन माह से नहीं पुलिस उप अधीक्षक, इसलिए आ रही यह परेशानी

जिला मुख्यालय पर तीन माह से नहीं पुलिस उप अधीक्षक, इसलिए आ रही यह परेशानी

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No Deputys of police at the district headquarters for three months

बाड़मेर.सीमावर्ती जिला मुख्यालय पर तीन माह से पुलिस उप अधीक्षक का पद रिक्त है। इस वजह से कानून व्यवस्था संभालने में पुलिस को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधीक्षक व थानाधिकारी के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी पुलिस उप अधीक्षक का पद रिक्त होने से थाना स्तर के अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि गृहमंत्री के दौरे के दौरान तत्कालीन पुलिस उप अधीक्षक ओमप्रकाश उज्ज्वल को एपीओ कर मुख्यालय जयपुर कर दिया था। जिला मुख्यालय पर कोतवाली, सदर, ग्रामीण सहित बड़े थाने इनके हलके में है। यहां प्रतिमाह एक थाने में 300 के करीब मामले दर्ज होते है। लेकिन मॉनीटरिंग के अभाव में थानाधिकारियों के बेलगाम होने का खतरा रहता है। इसलिये इन इलाकों में डिप्टी का होना बेहद मायने रखता है।लेकिन गृहमंत्री के दौरे के दौरान डिप्टी को एपीओ कर दिया था।

सात थाने संभालते हैं डिप्टी

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- कोतवाली, सदर, बाड़मेर ग्रामीण, नागाणा, बायतु, गिड़ा और शिव इस तरह है महत्वपूर्ण- शहर में तीन थाने हैं। इनके क्षेत्राधिकार में कई बार कानून व्यवस्था बिगडऩे की स्थिति रही है। इसको संभालने को थानाधिकारी के साथ डिप्टी का होना योजक के रूप में कार्य करता है। लेकिन डिप्टी के अभाव मे यहां की व्यवस्था गड़बड़ा रही है।

- गौरतलब है कि शिव थाने में पिछले दिनों तिहरा हत्याकाण्ड हुआ और उसमें डिप्टी की अहम भूमिका से मामले का खुलासा हुआ था। इसलिये यहां भी डिप्टी का होना बहुत जरूरी भूमिका निभाता है।

- इसी तरह बायतु तेल क्षेत्र है और यहां आपाराधिक मामले भी बढ़े हैं। डिप्टी की थाने पर कंट्रोलिंग जरूरी है। यह क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जाता है।

अनुसंधान में हो रही देरी

पुलिस उप अधीक्षक के रिक्त पद को लेकर मुख्यालय को अवगत करवाया है। एससी- एसटी व अन्य मामलों के अनुसंधान में देरी हो रही हे। फिलहाल अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। - डॉ. गगनदीप सिंगला, पुलिस अधीक्षक

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Published on:
03 Dec 2017 09:18 pm
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