- कई गांवों का सम्पर्क कटा, लोग परेशान, प्रशासन व सरकार का नहीं ध्यान
समदड़ी. मरुगंगा में आ रहे प्रदूषित पानी ने नदी से निकलने वाली कई सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे नदी के दोनों और बसे गांवों का आपसी सम्पर्क कट गया है। ग्रामीण प्रदूषित पानी से होकर पैदल तो गुजर रहे हैं, लेकिन साधन लेकर कई किलोमीटर का गोता लगाकर पहुंचना पड़ रहा है।
लूनी नदी के दोनों किनारों पर गांव बसे हैं, नदी में प्रदूषित पानी आने से उनका नदी से सीधा आवागमन बन्द हो गया है। मठ खरंटिया से गोदों का बाड़ा व मियों का बाड़ा के बीच लूनी नदी में बनी ग्रेवल सड़क पानी के बहाव से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। अजीत से मजल, भलरों का बाड़ा से कोटड़ी के बीच नदी में बनी ग्रेवल सड़क टूटी होने से कोटड़ी जाने के लिए ग्रामीणो को समदड़ी, करमावास, लाखेटा होकर करीब बीस किलोमीटर का गोता लगाना पड़ रहा है, जबकि भलरों का बाड़ा से कोटड़ी महज चार किलोमीटर दूर है। भानावास से कोटड़ी तक रपट बनाई गई है। इस रपट पर भी आवागमन बंद है।
भानावास से आगे निकला पानी- प्रदूषित पानी भानावास सरहद से आगे बढ़ गया है। पीछे से पानी की लगातार आवक जारी है। लगातार पानी आगे बढऩे से नदी किनारे स्थित कृषि कुंओं का पानी खराब हो रहा पर्यावरण को खतरा पैदा हो गया है। निसं.
प्रदूषित पानी की आवक जारी - लूनी नदी में प्रदूषित पानी की आवक जारी है। प्रशासन और सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पानी से भूमि बंजर होने के साथ भूमिगत जल पीने लायक नहीं रहेगा। - सीता देवी पटेल, पंचायत समिति सदस्य
किसान परेशान, सरकार दें ध्यान- किसानों का कोई धणी धोरी नहीं है। लूनी नदी में पिछले दस वर्ष से प्रदूषित पानी आ रहा है। इसे रोकने का प्रयास नहीं किया गया है। समस्या समाधान नहीं होने पर किसानों को आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। - बुदाराम चौधरी, पूर्व सरपंच
सड़़कें क्षतिग्रस्त, हो रही परेशनी- लूनी नदी में प्रदूषित पानी आने से नदी से निकलने वाली ग्रेवल सड़केंक्षतिग्रसत हो गई है। इसके चलते आवागमन में परेशानी हो रही है। - रेशमा कंवर, सरपंच सिलोर
02-समदड़ी. भानावास-कोटड़ी सड़क की रपट पर बहता प्रदूषित पानी।