लोकायुक्त के आदेश पर प्रशासनिक कुण्डली
बालोतरा. लोकायुक्त के निर्देशों को पालना को लेकर प्रशासनिक बेपरवाही नजर आ रही है। यह बेपरवाही एक साल से है। दरअसल पिछले साल मई में बाड़मेर जिला मुख्यालय पर लोकायुक्त एसएस कोठारी ने जनसुनवाई की थी। इसमें बालोतरा के तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी उदयभानू चारण के विरुद्ध फर्म का बेवजह भुगतान रोकने के मामले में जिला कलक्टर को चार्जशीट देने व परिवादी को 1.35 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों को एक साल बीतने को गया, लेकिन पालना अभी तक नहीं हुई है।
यह था मामला- वर्ष 2014 व 2015 में उपखण्ड अधिकारी बालोतरा के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 71 ग्राम पंचायतों में भामाशाह शिविर में टेंट इत्यादि व्यवस्था के लिए मैसर्स पदमावती टेंट हाउस बालोतरा के नाम से टेंडर हुआ था। संबंधित ग्राम पंचायतों से टेंट इत्यादि के बिल प्रमाणित होते हुए पंचायत समितियों के मार्फत उपखण्ड अधिकारी के पास पहुंचे थे। उस दौरान उपखण्ड अधिकारी उदयभानू चारण ने 17 ग्राम पंचायतों से संबंध बिलों का भुगतान कर दिया। इसके बाद उन्होंने शेष 54 ग्राम पंचायतों के भुगतान में विविध व्यय की राशि प्रतिदिन 1250 रूपए प्रति ग्राम पंचायत की कटौती कर फर्म को भुगतान कर दिया। भुगतान कटौती पर फर्म ने आपत्ति जता दी।इसके बाद परिवादी गणपतसिंह भाटी ने एसडीएम के विरुद्ध लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जांच अधिकारी ने की कार्रवाई की सिफारिश- भामाशाह शिविर में व्यवस्था संभालने वाली फर्म के भुगतान कटौती को लेकर विभागीय जांच हुई। जांच अधिकारी एडीएम बाड़मेर ने एसडीएम के निर्णय को गलत मानते हुए उनके खिलाफ सीसीए नियमों के तहत कार्रवाई की अनुशंषा की। कार्मिक विभाग ने जिला कलक्टर से रिपोर्ट भी मांगी, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं। इसके बाद परिवादी गणपतसिंह भाटी ने एसडीएम के विरुद्ध लोकायुक्त में शिकायत दर्ज करवाई थी।
अब तक कोई कार्रवाई नहीं- एक साल पूर्व लोकायुक्त ने तत्कालीन एसडीएम को चार्जशीट देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। - गणपतसिंह भाटी, परिवादी