टेंडर दर से अधिक राशि पर आ रही दिक्कत, मामला पहुंची भूतल परिवहन मंत्रालय के पास
-
बालोतरा. शहर में प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में अब रेट रोड़ा बन रही है। तय दर से अधिक की राशि का टेंडर होने के कारण मामला दिल्ली के भूतल परिवहन मंत्रालय में अटका हुआ है। एेसे में इसके शिलान्यास को लेकर अड़चन आ रही है। हालांकि उम्मीद यह जताई जा रही है कि चुनावी वर्ष होने से आचार संहिता से पहले इसका शिलान्यास हो सकता है।
नगर व क्षेत्रवासिसयों की प्रमुख मांगों में से ओवरब्रिज एक है। नगर को दो भागों में बांटती रेल लाइन शहर व क्षेत्र के हजारों लोगों व वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। रेलगाडिय़ों के आवागमन पर बंद रेल फाटकों पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। एेसे में यहां आेवरब्रिज निर्माण ही समस्या का समाधान है।
एेसे में लम्बे समय से ओवरब्रिज की मांग हो रही थी। केन्द्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय ने करीब छह माह पूर्व बालोतरा में ओवरब्रिज निर्माण के लिए 85 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। स्वीकृति पर पहली बार खोले टेण्डर में कंपनियां का कार्य मापदण्ड में सही नहीं पाया गया। दूसरी बार जारी किए टेण्डर में कंपनी ने अनुमाति राशि से 16 प्रतिशत अधिक राशि भरी। जानकारी अनुसार टेण्डर से 6 प्रतिशत अधिक राशि पर मंत्रालय के चीफ इंजीनियर व इससे अधिक राशि पर मंत्रालय के केन्द्रीय स्तर के सचिव को स्वीकृति के अधिकार है। इस पर लंबे समय से फाइल दिल्ली में स्वीकृति के लिए अटकी हुई है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही इस परियोजना को लेकर फैसला हो जाएगा, क्योंकि चुनावी साल होने से कभी भी आचार संहिता लग सकती है, एेसे में राज्य सरकार इससे पहले-पहले ओवरब्रिज का शिलान्यास करवाएगी। गौरतलब है कि
जोधपुर-सिवाना मार्ग पर 500 मीटर व बाड़मेर मार्ग पर 1100 मीटर दूरी में वाई आकार का ओवरब्रिज बनना प्रस्तावित है। पीलरों पर बनने वाले इस ओवरब्रिज के नीचे दो अण्डर वाइकल पास पुल व दोनों ओर सर्विस लाइन सड़क बनेगी।