
बालोतरा। पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के मुख्य प्रोसेसिंग एरिया में शुक्रवार शाम करीब 6.15 बजे एक बार फिर धुएं का गुबार उठने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार रिफाइनरी परिसर के बेहद संवेदनशील माने जाने वाले सीडीयू-वीडीयू (क्रूड वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट) के हीट एक्सचेंजर स्टैक एरिया में केरोसिन पाइपलाइन में क्रैक आने और केरोसिन रिसाव के चलते अफरा-तफरी मच गई।
रिसाव के तुरंत बाद यूनिट से घना धुआं उठने लगा और चिंगारी की वजह से आग लगने की सूचना सामने आई। रिफाइनरी का फायर सिस्टम सक्रिय हुआ और सायरन बजने लगे। वहीं सूचना मिलते ही हरकत में आई सीआइएसएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 40 मिनट में हालात पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आग लगने की बात से इनकार करते हुए माइनर ऑयल लीकेज से फायर सिस्टम सक्रिय होने की बात कही है।
सूत्रों के अनुसार, टैंक एरिया से जब क्रूड ऑयल को सीडीयू (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) में अलग-अलग फ्रैक्शंस पेट्रोल, डीजल, केरोसिन को अलग करने के लिए प्रोसेस किया जा रहा था, तभी सीडीयू के केरोसिन सेगमेंट से गुजरने वाली एक पाइपलाइन में अचानक क्रैक आ गया। क्रैक की वजह से तेजी से केरोसिन लीक होने लगा और देखते ही देखते आसपास धुएं का भारी गुबार छा गया।
धुआं उठने के बाद अलार्म बजते ही फायर फाइटिंग सिस्टम सक्रिय हुआ। वहीं मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कूलिंग व फोमिंग की प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी टीम ने लाइन का फ्लो रोककर रिसाव बंद करने की कार्रवाई की। प्राथमिक जानकारी में किसी जनहानि या गंभीर संरचनात्मक नुकसान की बात सामने नहीं आई है। घटना के बाद तकनीकी जांच शुरू किए जाने की जानकारी है।
सीडीयू-वीडीयू यूनिट में आग की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि करीब चार माह पहले 20 अप्रेल 2026 को इसी यूनिट में आग लगी थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन से एक दिन पहले हादसा होने के कारण उद्घाटन स्थगित हुआ था। इसके बाद यूनिट की मरम्मत कराई गई और 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफाइनरी का उद्घाटन किया। बार-बार सामने आ रही लीकेज और आग की घटनाओं ने मेंटेनेंस, क्वालिटी चेक और सुरक्षा ऑडिट को लेकर सवाल खड़े किए हैं।