जलदाय विभाग भी बरत रहा नरम रवैया
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बालोतरा.
नगर में जलदाय विभाग अधिकारियों की उपभोक्ताओं को बंदर घुड़की देने लेकिन नल विच्छेद की कार्रवाई नहीं करने से अधिकांश जल उपभोक्ता बेपरवाह बने बैठे हैं। नल पर टोंटी नहीं लगाने से जलापूर्ति के समय बड़ी मात्रा में कीमती पानी व्यर्थ बहता है। इससे पेयजल लाइनों के अंतिम छोर के उपभोक्ताओं तक पानी नहीं पहुंचता है। इन्हें जलापूर्ति के दिन भी पानी के लिए तरसना पड़ता है।
नगर के उपभोक्ताओं की बेपरवाही पर शहर में जलापूर्ति के दिन बड़ी मात्रा में व्यर्थ में पानी बहता है। अधिकांश उपभोक्ताओं ने नलों पर टोंटी नहीं लगा रखी है। बड़ी तादाद में उपभोक्ताओं ने नल कनेक्शन का पाइप खुला छोड़ रखा है। उनका यह रवैया कीमती पानी की बर्बादी का कारण बन रहा है। जलदाय विभाग के जलापूर्ति करने पर खुले नलों से हजारों हजारों लीटर व्यर्थ में कीमती पानी बर्बाद होता है। खास बात यह है कि नजरों के सामने बहते व्यर्थ पानी के बावजूद उपभोक्ता इसे रोकने को लेकर कोई प्रयास नहीं करते हैं।
बंदर घुड़की देते, कार्रवाई नहीं करते- नलों पर टोंटी नहीं लगी होने पर जलदाय विभाग हर बार जल कनेक्शन विच्छेद की धमकी देता है, लेकिन आज तक ऐसे मामलों में विभागीय अधिकारियों ने एक बार भी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। इससे उपभोक्ता बेपरवाह बने हुए हैं।
व्यर्थ बहता है पानी - जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। शहर के उपभोक्ताओं के काम चलाऊ रवैये पर जलापूर्ति के दिन बड़ी मात्रा में व्यर्थ में पानी बहता है। विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। - राजल गोलेच्छा
कार्रवाई का नहीं डर- जलदाय विभाग के अधिकारी लापरवाह उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर बढ़चढ़ कर बातें करते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं करते। इस पर उपभोक्ता नलों पर टोंटी नहीं लगाते। विभाग अभियान चला ऐसे उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन विच्छेद करें। - सरस्वती सलुंदिया
लोग पानी का तरस रहे- जलापूर्ति के समय उपभोक्ताओं की लापरवाही से व्यर्थ में हजारों लीटर पानी बहने से योजना के अंतिम छोर तक के उपभोक्ताओं तक पानी नहीं पहुंचता है । हर दिन उन्हें पानी को लेकर तरसना पड़ता है। विभाग बेपरवाह उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। - मुकेश पटवारी