
सिणधरी. राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत मंगलवार को राउमावि पायला कला में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रधानाचार्य महेंद्रकुमार यादव के निर्देशन में विद्यालय कार्मिक और विद्यार्थी इसमें शामिल हुए।
पौधरोपण के साथ सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगा कर नियमित देखभाल की जिम्मेदारी तय की गई। व्याख्याता मूलाराम चौधरी, जोगाराम दर्जी, शिक्षक रतनसिंह, प्रिया पूनिया, दौलतसिंह, चिमनाराम आसू ने पौधरोपण में सहयोग किया।
सिवाना. राजस्थान पत्रिका के हरियाळो राजस्थान कार्यक्रम तहत मंगलवार को कस्बे के छोटी हिंगलाज माता मन्दिर राप्रावि में पौधरोपण हुआ। विद्यालय विकास समिति अध्यक्ष गुलाबसिंह भायल ने पौधों के महत्व के बारे में जानकारी दी। छात्रों से पौधे लगाने व सार संभाल करने की अपील की। उपाध्यक्ष चेनपुरी गोस्वामी आदि प्रबुद्धजनों ने पौधे लगाने के साथ इनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। संस्था प्रधान नागसिंह चौहान ने आभार ज्ञापित किया।
पादरू. कस्बे कलोन सराय में सोमवार को पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। थानाधिकारी शंकरसिंह रड़वा ने पौधरोपण के महत्व की जानकारी देते हुए आमजन को घर व आसपास के खुले स्थानों पर पौधे लगाने व इनकी सार संभाल करने की बात कही। आशुसिंह रड़वा, बाबूसिंह लंगेरा,गणपत खिंचड़ आदि ने पौधे लगाए।
समदड़ी. राजस्थान पत्रिका के हरियाळो राजस्थान अभियान तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालय खेजडिय़ाली में पौधरोपण हुआ। संस्थाप्रधान नारायणसिंह बालावत ने पौधरोपण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए घर व आसपास में पौधे लगाने व इनकी देखभाल करने की बात कही।
शारीरिक शिक्षक तेजसिंह, कुलदीपसिंह, भोमाराम, मीठालाल गर्ग, दिलीपसिंह, विजयलक्ष्मी शर्मा ने पत्रिका अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन में जागृति आई है।
कार्यक्रम प्रभारी मनमोहनसिंह गोगादेव की मौजूदगी में छात्रों ने 50 पौधे लगा देखभाल की जिम्मेदारी ली। राउप्रावि. भिण्डा कुआं बिठूजा में प्रधानाध्यापक शैतान सिंह, सुरेश कुमार, महिपाल सिंह जुगतावत, पूनम खंडेलवाल ने पौधरोपण कर सार संभाल का संकल्प लिया।
परेऊ. ग्राम पंचायत लापुंदरा के राउमावि में सरपंच बांकाराम लेघा के तत्वावधान में मंगलवार को पौधरोपण किया गया। सरपंच ने पौधों की महत्ता बताते हुए पौधरोपण की बात कही। प्रधानाचार्य लालचंद मेहरडा ने कहा कि यदि प्रकृति की रक्षा करनी है तो पेड़ लगाने के साथ संरक्षण करना होगा।
धन्नाराम, सुमेराराम भील, महेंद्र मेघवाल, भैराराम, दुर्गानाथ, देवीसिंह, धनसिंह राठौड़, खेत भारती, कैलाशदान, केराराम मेघवाल आदि की उपस्थिति में गांव के सार्वजनिक स्थानों पर पांच सौ पौधे लगाने का निर्णय कर छात्रों को देखभाल करने का संकल्प लिया।