
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित मेगा रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरीं। कार्यक्रम स्थल के मुख्य वीवीआईपी एंट्री गेट से एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ संगठनात्मक नेता अपना एंट्री पास दिखाते हुए और सुरक्षाकर्मियों से उलझते नजर आये। दावा किया जाने लगा कि सत्तारूढ़ पार्टी के ही सीनियर नेता को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जाने से पूरी तरह रोक दिया गया। लेकिन जब इस पूरे मामले की जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई तो सुरक्षा प्रोटोकॉल और नेताजी के लेट पहुंचने की असली कहानी और पूरा सच निकलकर सामने आया।
पचपदरा रिफाइनरी के इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो दावा किया जा रहा था, वह पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। हकीकत यह है कि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता या पदाधिकारी को कार्यक्रम में एंट्री देने से बिल्कुल भी मना नहीं किया गया था। असल में, कार्यक्रम स्थल पर देरी से पहुंचने के कारण कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के नियमों के तहत उन्हें मुख्य प्रवेश द्वार पर कुछ मिनटों के लिए जांच के दायरे में रोका गया था। बाद में राजस्थान सरकार के मंत्रियों और पुलिस के उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें ससम्मान पंडाल के भीतर प्रवेश दे दिया गया था।
इस पूरे वाकये के केंद्र में भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी थे। वे पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के ऐतिहासिक लोकार्पण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा का हिस्सा बनने के लिए बालोतरा पहुंचे थे। उनके पास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अधिकृत वीवीआईपी (VVIP) पास भी मौजूद था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के तहत तय की गई समय सीमा के समाप्त होने के बाद पहुंचने के कारण मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए नियमों का पालन किया।
सुरक्षा एंजेसियों के तय नियमों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तय समय पर कार्यक्रम स्थल और रिफाइनरी परिसर में कदम रखने से ठीक पहले सभी प्रवेश द्वारों को पूरी तरह से लॉक कर दिया जाता है। इसके बाद किसी भी व्यक्ति की एंट्री पर अस्थाई रोक लग जाती है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी और उनके समर्थकों का काफिला ठीक उसी वक्त एंट्री गेट पर पहुंचा जब पीएम मोदी का मूवमेंट वहां हो चुका था। समय पर न आने के कारण ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और मुस्तैद पुलिस बल ने नियमों के तहत उन्हें और उनके साथ आए समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया।
मुख्य गेट पर रोके जाने के बाद कुछ देर के लिए वहां असमंजस की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार इसके बाद प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी ने तुरंत कार्यक्रम स्थल के अंदर मौजूद राजस्थान सरकार के राज्य मंत्री के.के. विश्नोई और जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क साधा।
गेट पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों को जैसे ही राज्य मंत्री और उच्च पुलिस अधिकारियों के निर्देश मिले, उन्होंने प्रोटोकॉल की समीक्षा की। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने केवल प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी को अकेले अंदर जाने की अनुमति दी, जबकि उनके साथ आए और लेट हो चुके समर्थकों को सुरक्षा कारणों से बाहर ही रोक दिया गया।