परीक्षा में नकल रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही हर दस केंद्र पर जिला प्रशासन व पुलिस के उडऩदस्ता दल लगाए जाएंगे, जो केंद्रों का गहन निरीक्षण करेंगे।
प्री डी.एल.एड. परीक्षा को लेकर एमबीसी राजकीय कन्या महाविद्यालय बाड़मेर में केंद्राधीक्षकों व पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर निशांत जैन ने कहा कि परीक्षा में सुचिता को बनाए रखना और सुरक्षा व्यवस्था के माकूल प्रबंध जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही हर दस केंद्र पर जिला प्रशासन व पुलिस के उडऩदस्ता दल लगाए जाएंगे, जो केंद्रों का गहन निरीक्षण करेंगे।
गैर राजकीय केंद्रों पर सरकारी केंद्राधीक्षकपरीक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त प्रशासनिक नोडल अधिकारी राजेन्द्र सिंह चांदावत, अतिरिक्त जिला कलक्टर बाड़मेर ने कहा कि परीक्षा में गैर राजकीय केंद्रों पर भी राजकीय केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही प्रत्येक कक्ष में एक राजकीय वीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में ड्यूटी इस तरह लगाई गई है कि हर पांच दस मिनट में कोई फ्लाइंग या अन्य जांच की निगाह में सभी कमरे रहेंगे। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों की जांच के लिए बायोमीट्रिक फेस रीडिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही थ्री लेयर जांच के बाद परीक्षार्थी को परीक्षा में अनुमत किया जाएगा।
जिला समन्वयक एवं गल्र्स कॉलेज के प्राचार्य मुकेश पचौरी ने कहा कि परीक्षार्थी को परीक्षा के लिए 30 जून, 2024 को सुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच ही परीक्षा केंद्र पर प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही किसी भी परीक्षार्थी को घड़ी, मोबाइल या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ में नहीं होगा। केन्द्र पर पर्यवेक्षक भी केन्द्रों का बारीकी से पर्यवेक्षण करेंगे। जिला नोडल अधिकारीकृष्ण सिंह महेचा, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक ने कहा कि इस परीक्षा को सुचारू एवं पारदर्शिता से कराने के लिए सभी केंद्राधीक्षक और पर्यवेक्षक पूर्ण निष्ठा से अपने दायित्व का निर्वाह करें तथा वीक्षकों को परीक्षार्थी का मूल फोटो पहचान पत्र तथा प्रवेश पत्र देखकर ही परीक्षा में बिठाने के निर्देशित करें। सह समन्वयक मांगीलाल जैन ने कहा कि परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र व मूल वैध फोटो युक्त पहचान पत्र के साथ ही एक फोटो भी परीक्षा में लेकर आना है। साथ ही केंद्राधीक्षकों को स्वच्छता, पंखे, पेयजल तथा हर कक्ष में दीवार घड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।